इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में एक ज्वालामुखी के सक्रिय होने के बाद
यहां रहने वाले कम से कम 3,000 लोगों को यहां से सुरक्षित स्थान पर ले जाया
गया है।
विज्ञापन
ज्वालामुखी फटता देख जान बचाकर भागे 3000 लोग
2 of 13
सुमात्रा द्वीप पर स्थित माउंट सिनाबुंग के सक्रिय होने से अकेले सोमवार
को इसकी तलहटी में बसे 1,200 लोग यहां से हटने को मजबूर हो गए।
विज्ञापन
ज्वालामुखी फटता देख जान बचाकर भागे 3000 लोग
3 of 13
माउंट सिनाबुंग वैसे तो साल 2010 से ही सक्रिय हो गया था लेकिन पिछले 2 जून से ये और अधिक सक्रिय हो उठा है।
ज्वालामुखी फटता देख जान बचाकर भागे 3000 लोग
4 of 13
साल 2010 से पहले माउंट सिनाबुंग में 400 सालों तक कोई हलचल नहीं हुई थी।
विज्ञापन
ज्वालामुखी फटता देख जान बचाकर भागे 3000 लोग
5 of 13
वैज्ञानिकों को आशंका है कि आने वाले कुछ हफ्तों में ज्वालामुखी और अधिक गंभीर खतरे पैदा कर सकता है।
विज्ञापन
ज्वालामुखी फटता देख जान बचाकर भागे 3000 लोग
6 of 13
सोमवार को गर्म राख और गैस के कम से कम 28 विस्फोट हुए जो तीव्र गति से पहाड़ की ढलानों से नीचे की ओर बढ़ रहे थे।
विज्ञापन
ज्वालामुखी फटता देख जान बचाकर भागे 3000 लोग
7 of 13
ज्वालामुखी संबंधी विभाग के सरकारी विशेषज्ञ का कहना है कि इस बात के संकेत
मिल रहे हैं कि माउंट सिनाबुंग पर लावा गुंबद की ऊंचाई बढ़ रही है।
ज्वालामुखी फटता देख जान बचाकर भागे 3000 लोग
8 of 13
ज्वालामुखी के मुख से जब तेज गति से लावा निकल कर नीचे की ओर बहता है तो ठंडा होता जाता है।
ज्वालामुखी फटता देख जान बचाकर भागे 3000 लोग
9 of 13
इससे पहले जब साल 2010 में यह ज्वालामुखी सक्रिय हुआ था, तब कम से कम दो
लोग मारे गए थे और इसकी वजह से 30,000 लोगों को अपना घर-बार छोड़कर कहीं और
जाना पड़ा था। माउंट सिनाबुंग, इंडोनेशिया में सक्रिय 130 ज्वालामुखियों में से एक है।
ज्वालामुखी फटता देख जान बचाकर भागे 3000 लोग
10 of 13
विशेषज्ञों का कहना है कि माउंट सिनाबुंग को कम सक्रिय ज्वालामुखी समझा
जाता रहा है, इसकी वजह से अब इसकी सक्रियता के बारे में कोई अनुमान लगाना
मुश्किल हो गया है।
ज्वालामुखी फटता देख जान बचाकर भागे 3000 लोग
11 of 13
जापान के टोक्यो के पास स्थित देश के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी माउंट असामा में भी हलचल देखी गई। हालांकि अभी इसके कारण टोक्यो पर कोई असर नहीं पड़ा है।
ज्वालामुखी फटता देख जान बचाकर भागे 3000 लोग
12 of 13
राजधानी से 87 मील दूर स्थित इस ज्वालामुखी से गिरने वाला चट्टानों से सतर्क रहने के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है।