उत्तर कोरिया ने रविवार को दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जापान के हिरोशिमा-नागासाकी पर गिराए गए बम से भी ढाई-तीन गुना ताकतवर बम का परीक्षण किया। उत्तर कोरिया का दावा है कि उसने ऐसे हाइड्रोजन बम का टेस्ट किया है, जिसे अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल पर लोड किया जा सकता है।
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नॉर्थ कोरिया ने बनाया हाइड्रोजन बम, मचा सकता है हिरोशिमा से ज्यादा बड़ी तबाही
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उत्तर कोरिया का यह छठा और अब तक सबसे ताकतवर परमाणु परीक्षण है। उसके इस टेस्ट ने उसे अमेरिकी शहरों को निशाना बनाने के और करीब पहुंचा दिया है।
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उत्तर कोरिया ने इस टेस्ट को पूरी तरह कामयाब करार दिया है। हाइड्रोजन बम विकसित करने के ऐलान के तुरंत बाद सरकारी टेलीविजन पर इसके विस्फोट की घोषणा कर दी गई।
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हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि क्या उसने वाकई इतने ताकतवर बम का विस्फोट किया है। विश्लेषकों को शक्तिशाली हाइड्रोजन बम को मिसाइल पर लोड करने की उत्तर कोरिया की क्षमता पर शक है।
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अमेरिकी ज्योलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के आकलन के मुताबिक विस्फोट से पैदा हुआ कंपन स्थानीय समयानुसार दोपहर 12.36 पर महसूस किया गया। विस्फोट उत्तर कोरिया के पंजे-री के भूमिगत परीक्षण स्थल में किया गया और इसकी तीव्रता 6.3 आंकी गई। विस्फोट से दक्षिण कोरिया में भी धरती हिलती हुई महसूस हुई।
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परमाणु हथियार दो तरह के होते हैं। हाइड्रोजन बम और परमाणु बम। हाइड्रोजन बम में हाइड्रोजन के आइसोटोप्स का आपस में विलय होता है। यह यूरेनियम, संवर्द्धित यूरेनियम या प्लूटोनियम से बनाया जा सकता है।
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परमाणु बम में मुख्य प्रतिक्रिया के तौर पर अणुओं का विखंडन होता है। परमाणु बम में प्लूटोनियम और बेहद संवर्द्धित यूरेनियम का इस्तेमाल होता है।
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अगस्त 1945 में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में क्रमश: 13 और 21 किलोटन ऊर्जा के बम गिराए गए थे, जिससे दोनों शहर जल कर खाक हो गए थे और दो लाख लोगों की तुरंत मौत हो गई थी।