फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंगल ग्रह पर पहुंचने के लिए रूस-यूरोपीय देशों ने छोड़ा स्पेसक्रॉफ्ट

Tue, 15 Mar 2016 03:00 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
मंगल ग्रह पर पहुंचने के लिए रूस-यूरोपीय देशों ने छोड़ा स्पेसक्रॉफ्ट - फोटो : Reuters
संयुक्त मिशन के तहत यूरोप और रूस ने मंगल पर जीवन की तलाश में एक स्पेसक्रॉफ्ट भेजा है। मंगल ग्रह पर जीवन की तलाश में लगातार कई देश प्रयासरत हैं। अमेरिका, चीन और भारत में इस होड़ में शामिल है।
विज्ञापन

मंगल ग्रह पर पहुंचने के लिए रूस-यूरोपीय देशों ने छोड़ा स्पेसक्रॉफ्ट

2 of 5
मंगल ग्रह पर पहुंचने के लिए रूस-यूरोपीय देशों ने छोड़ा स्पेसक्रॉफ्ट - फोटो : Reuters
कजाकिस्तान के बैकुनर से सात माह की तैयारी के बाद एक्सो प्रोग्राम के तहत इस क्रॉफ्ट को भेजा गया है। बताया जा रहा है कि इस क्रॉफ्ट को भेजने का असल मकसद मंगल पर मीथेन गैस की उपलब्‍धता जांचना बताया जा रहा है।  
विज्ञापन

मंगल ग्रह पर पहुंचने के लिए रूस-यूरोपीय देशों ने छोड़ा स्पेसक्रॉफ्ट

3 of 5
मंगल ग्रह पर पहुंचने के लिए रूस-यूरोपीय देशों ने छोड़ा स्पेसक्रॉफ्ट - फोटो : Reuters
जर्मन स्पेस एजेंसी के प्रमुख पास्केल एर्नेफ्रूंड से जब यह पूछा गया कि आखिर मंगल ग्रह को लेकर लोग इतना उत्साहित क्यों हैं? तो उन्होंने बताया कि हम यह समझना चाहते हैं कि सोलर सिस्टम में जीवन की शुरूआत कैसी हुई है।

मंगल ग्रह पर पहुंचने के लिए रूस-यूरोपीय देशों ने छोड़ा स्पेसक्रॉफ्ट

4 of 5
मंगल ग्रह पर पहुंचने के लिए रूस-यूरोपीय देशों ने छोड़ा स्पेसक्रॉफ्ट - फोटो : Reuters
वैज्ञानिकों का मानना है मंगल ग्रह पर मीथेन गैस वहां के भूगर्भ के परिक्षेत्रय को बदल सकता है। ह्यूमन स्पेसफ्लाइट एंड रोबोटिक एक्सप्लोरेशन यूरोपीय एजेंसी के निदेशक ‌‌थॉमस रीटर ने कहा कि पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 20 या 30 वर्षों में वो समय आ जाएगा जब मानव जाति मंगल ग्रह पर जा सकेगी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

मंगल ग्रह पर पहुंचने के लिए रूस-यूरोपीय देशों ने छोड़ा स्पेसक्रॉफ्ट

5 of 5
मंगल ग्रह पर पहुंचने के लिए रूस-यूरोपीय देशों ने छोड़ा स्पेसक्रॉफ्ट - फोटो : Reuters
एक्सो मॉर्स मिशन के तहत मंग्रह ग्रह पर दूसरा स्पेसक्रॉफ्ट वर्ष 2018 तक भेजा जाएगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें