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उत्तर कोरिया: ऐसे हैं कानून कि बात-बात पर भेज दिया जाता जेल

Thu, 17 Mar 2016 04:53 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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ऐसे हैं कानून कि बात-बात पर भेज दिया जाता जेल - फोटो : Reuters
उत्तर कोरिया में एक पर्यटक, छात्र और पत्रकार के तौर पर जाना किसी मुसीबत से कम नहीं है। यहां ऐसे कानून हैं कि अगर थोड़ी सी गलती हुई तो आपको जेल जाना पड़ सकता है। अमेरिका के 21 वर्षीय छात्र ओटो वार्मबियर को उत्तर कोरिया में 15 साल के लिए श्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। ओटो के ऊपर आरोप लगा है कि उसने एक प्रोपेगेंडा स्लोगन की चोरी की है।
 
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ऐसे हैं कानून कि बात-बात पर भेज दिया जाता जेल - फोटो : Reuters
उत्तर कोरिया में पैदा हुए कनाडा के हेयोन सू लिम को देश के खिलाफ आरोप करने के आरोप में जिदंगी भर के लिए कठिन कारवास की सजा दी गई।
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ऐसे हैं कानून कि बात-बात पर भेज दिया जाता जेल - फोटो : Reuters
नवंबर 2012 में गिरफ्तार किए गए बॉ को उत्तर कोरिया में क्रिश्चियन मिशनर की स्‍थापना करने के लिए 15 साल की कैद की सजा दी गई। बॉ को क्रिश्चियन स्टूडेंट के एक समूह के साथ बॉर्डर पार करते समय गिरफ्तार किया गया था।

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ऐसे हैं कानून कि बात-बात पर भेज दिया जाता जेल - फोटो : Reuters
बाद में अंतर्राष्ट्रीय दबाव के चलते कीनथ बॉ को छोड़ा गया। करीब दो साल बाद यूएस एयरफोर्स के जेट से उन्हें वापस लाया गया। कीनेथ बॉ और उनकी मां म्यूंग ही बॉ एयरपोर्ट पर एक दूसरे के साथ।
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ऐसे हैं कानून कि बात-बात पर भेज दिया जाता जेल - फोटो : Reuters
अमेरिका से टूरिस्ट वीजा पर गए मैथ्यू टॉड मिलर को उत्तर कोरिया में होसटाइल एक्ट में गिरफ्तार कर लिया गया। सा‌थ ही उसे छह साल के कठोर कारावास की सजा दी गई।  
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बाद में मैथ्यू टॉड मिलर को अमेरिका ने उत्तर कोरिया के साथ समझौता करते हुए जेल से रिहा करवाया।
 
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मियामीबर्ग ओहियो के 56 वर्षीय जेफरी फॉउले को बाइबल रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। जेफरी को मई, 2014 में गिरफ्तार किया गया और अक्टूबर, 2014 में रिहा कर दिया गया। 

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आइजॉलोन माहित गोम्स को अवैध रूप से उत्तर कोरिया में घुसने के लिए आठ साल की कठोर कारावास की सजा दी गई। अपनी रिहाई के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर के साथ गोम्स।

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अमेरिकी पत्रकार लॉरा लिंग और इयूना ली को गोपनीय तरीके से चीन से उत्तर कोरिया में आने के आरोप में 12 साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में अमेरिका के दबाव के चलते ही उत्तर कोरिया ने दोनों को छोड़ा। 

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कोरिया के वार वेटरन मेरिल न्यूमन को होसटाइल एक्ट के तहत अक्टूबर 2013 को गिरफ्तार किया गया। लंबे समय के कठोरकारावास के बाद उन्हें दिसंबर, 2013 में रिलीज कर दिया गया।
 

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मेरिल ई.न्यूमैन अपनी पत्नी के साथ वापस लौटते हुए। करीब 60 साल पहले मेरिल ने कोरियन युद्ध में भाग लिया था।
 

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अमेरिकी नागरिक रॉबर्ट पार्क को उत्तरी कोरिया में गिरफ्तार किया गया। 

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रॉबर्ट पार्क को करीब दो महीने बाद रिहा किया गया।
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ऑस्ट्रेलियन मिशनरी जॉन शॉर्ट को बाइबिल की कॉपी रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। जॉन शॉर्ट की उम्र उस समय 75 साल थी।
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