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पीएम मोदी का असर? पाकिस्तान ने बलूच के निर्वासित नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया

Tue, 16 Aug 2016 04:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : getty images
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स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से पाक अधिकृत कश्मीर और बलूचिस्तान में हो रहे अत्याचारों का मुद्दा उठा कर पाकिस्तान को घेरने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह दांव काम आया। अभी तक आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में हो रही हिंसा को जबरन मुद्दा बनाने में जुटा पाक मोदी के इस दांव के बाद बैकफुट पर नजर आया।
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मोदी के भाषण के कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान ने बलूचिस्तान के स्व-निर्वासित नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित कर लिया। पाकिस्तान ने कहा कि बातचीत के जरिए इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। 

जानकारी के मुताबिक, बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री नवाब सनाउल्लाह जेहरी और लेफ्टिनेंट जनरल अमीर रियाज ने कहा कि वे स्व-निर्वासित बलूच नेताओं का देश में लौटने पर स्वागत करेंगे। यह बात पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बलूचिस्तान के जियारत जिले स्थित कायद-ए-आजम निवास पर आयोजित झंडारोहण कार्यक्रम के दौरान कही गई। 
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बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जेहरी ने कहा कि उन्होंने खुद भी बलूचिस्तान छोड़कर बाहर चले गए बलूच नेताओं को अपने देश पाकिस्तान लौटने का निमंत्रण दिया है। जेहरी ने कहा, 'यह उनकी इच्छा पर निर्भर करेगा कि वो राष्ट्रीय राजनीति में शामिल होंगे या राष्ट्रवादी आधार पर राजनीति लेंगे... अगर बलूचिस्तान के लोग इन्हें चुनते हैं तो हम जनता के इस फैसले का सम्मान करेंगे।'
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'हम पिछले 500 साल से बलूचिस्तान की रक्षा कर रहे हैं'

पीएम मोदी - फोटो : ANI
जेहरी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बंदूक की नोक पर ऐसे नेताओं की मांगों और विचारधारा को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा, 'हम किसी भी व्यक्ति को हिंसा के बल पर अपनी विचारधारा को थोपने की इजाजत नहीं देंगे। हम पिछले 500 साल से बलूचिस्तान की रक्षा कर रहे हैं। बलूचिस्तान अपनी मर्जी से पाकिस्तान में शामिल हुआ था।'

गौरतलब है कि 69 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए PM मोदी ने बलूचिस्तान का जिक्र किया। पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त के भाषण में बलूचिस्तान के मुद्दे को इतने जोर शोर से उठाया। मोदी ने बलूचिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघनों पर भी बात की। 

उन्होंने कहा, 'दुनिया देख रही है। बलूचिस्तान, गिलगित, बालिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर के लोगों ने पिछले कुछ दिनों में मेरा बहुत धन्यवाद किया है। मैं उनका बहुत आभारी हूं।' 'जिस तरह इन पाकिस्तानी इलाके के लोगों ने मुझे उन्हें बधाई और धन्यवाद दिया, उससे मुझे बहुत खुशी हुई है। मैं उन सभी का हार्दिक अभिनंदन करता हूं।' स्वतंत्रता दिवस पर पीएम के भाषण में बलूचिस्तान का मुद्दा उठाने से क्या पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा है?
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