भूकंप के झटकों और सुनामी के अलर्ट के बाद रूस का एक इलाका
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प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने बताया कि हवाई, चिली, जापान और सोलोमन द्वीप समूह के कुछ तटीय क्षेत्रों में ज्वार स्तर से 1 से 3 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। रूस और इक्वाडोर के कुछ तटीय क्षेत्रों में 3 मीटर से भी ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
रूस की तास (TASS) समाचार एजेंसी ने भूकंप के केंद्र के पास सबसे बड़े शहर पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से खबर दी कि डरे-सहमे लोग लोग सड़कों पर निकल आए हैं। कई बिना जूतों या कपड़ों के सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। घरों के अंदर अलमारियां गिर गईं, शीशे टूट गए, कारें सड़क पर क्षतिग्रस्त हो गईं और इमारतों में कांपती नजर आईं। तास ने कामचटका क्षेत्र की राजधानी में बिजली गुल होने और मोबाइल फोन सेवा ठप होने की भी खबर दी। एक स्थानीय रूसी अधिकारी के हवाले से बताया कि सखालिन द्वीप के निवासियों को निकाला जा रहा है और आपातकालीन सेवाएं पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
भारत को कोई खतरा नहीं
भारतीय सुनामी पूर्व चेतावनी केंद्र (आईटीईडब्ल्यूसी) ने बुधवार को कहा कि भारतीय तट पर सुनामी का कोई खतरा नहीं है। केंद्र ने सुबह जारी एक बुलेटिन में कहा, 'पूर्व-निर्धारित मॉडल परिदृश्यों के आधार पर भारत को कोई खतरा नहीं है।'