गाजा युद्ध का क्या होगा?
2025 में दुनिया की नजर गाजा में एक साल से ज्यादा समय से चल रहे संघर्ष पर सबकी नजर रहेगी। हमास ने 7 अक्तूबर 2023 को इस्राइल की अभेद्य मानी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए इसके इलाकों में हमला किया था। इस हमले में करीब 1200 इस्राइलियों की जानें गई थीं और 5000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस दौरान हमास लड़ाके 240 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले गए थे। इन बंधकों में से कई लोगों को छुड़ा लिया गया है, लेकिन दर्जनों लोग अभी भी गाजा में बंधक हैं। वहीं, इस्राइल के जवाबी हमलों में 42,000 से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। गाजा के 24 लाख लोगों में से अधिकतर अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं। 7 अक्तूबर के हमले के बाद पश्चिम एशिया के कई मोर्चों पर युद्ध शुरू हो गया। जहां लेबनान में हिजबुल्ला तो वहीं यमन में हूती विद्रोही इस्राइल से भिड़ गए।
उधर इस्राइल और हमास युद्ध में हमास को उस वक्त हमास बड़ा झटका लगा, जब 31 जुलाई को इसके राजनीतिक शाखा के प्रमुख इस्माइल हानिया की हत्या कर दी गई। 31 जुलाई 2024 को हमास प्रमुख इस्माइल हनिया ईरान की राजधानी तेहरान में मारा गया। हानिया ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंचा था।
7 अक्तूबर 2023 के हमले के बाद इस्राइल ने हमास को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया था। इसके लिए इस्राइली सेना ने गाजा में हवाई और जमीनी हमले किए। इस तरह से हमास और इस्राइल के बीच बीते करीब एक साल से अधिक समय से खूनी जंग जारी है। हालांकि, कई देशों के प्रयास से दोनों पक्षों में युद्धविराम को लेकर बात भी हुई है, लेकिन अभी तक अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
उधर युद्ध लेबनान में हिजबुल्ला के साथ दो महीने के युद्धविराम लागू होने के साथ, अमेरिका ने कतर, मिस्र और तुर्किये को शामिल करते हुए गाजा में एक समझौते पर पहुंचने के लिए नए सिरे से प्रयास करने का आग्रह किया है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने माना है कि गाजा में स्थितियां बदल गई हैं, हमास अलग-थलग और नेतृत्वहीन हो गया है।
अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे 20 जनवरी 2025 को पदभार ग्रहण करने से पहले गाजा में समझौता देखना चाहते हैं। उससे पहले गाजा में युद्ध विराम हासिल करने में विफल रहने पर नई सरकार किस हद तक गाजा पर ध्यान केंद्रित करेगी, यह अमेरिकी विदेश नीति प्राथमिकताओं और ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम पर निर्भर करेगा।