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मंगल पर पहुंचा नासा का इंसाइट लैंडर, क्या खोल पाएगा अरबों साल पुराने राज?

Tue, 27 Nov 2018 05:23 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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nasa-mars - फोटो : nasa
अमरीकी अंतरिक्ष संस्थान नासा का महत्वपूर्ण अंतरिक्ष यान इंसाइट लैंडर भारतीय समयानुसार 26-27 नवंबर की दरम्यानी रात यानी करीब डेढ़ बजे मंगल ग्रह पर उतरा।  यान में भेजे गए रोबोट के माध्यम से वैज्ञानिक मंगल के जीवन से जुड़े कई राजों को खोलने में अहम भूमिका निभाएंगे। जब यान मंगल पर उतरने वाला था तब इसके साढ़े छह मिनट काफी अहम थे वैज्ञानिकों की स्पेशसेंटर में सांसे रुकी हुई थीं। नासा की रिपोर्ट के अनुसार यान लगातार धरती पर संदेश भेज रहा था। जैसे ही इंसाइट मंगल पर सुरक्षित उतरा उस समय कैलिफोर्निया स्थित नासा के  कंट्रोल रूम में खुशी का माहौल था। वैज्ञानिकों ने अपनी पहली परीक्षा मानो सौ फीसदी अंकों से पास कर ली हो। 


 
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क्यों खतरनाक थे वो साढ़े छह मिनट 

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nasa-mars - फोटो : nasa
वैज्ञानिकों का कहना है कि चूंकि मंगल पर यान सघन वातावरण में हाइपरसोनिक स्पीड से प्रवेश कर रहा था और उसे अपनी गति घटाते हुए बैलगाड़ी की गति पर आना था और इसके लिए उसके पास महज साढ़े छह मिनट ही थे जिसमें उसे सबकुछ कर लेना था, एक छोटी सी चूक पूरी मेहनत खराब कर सकती थी इसलिए वह सात मिनट काफी खतरनाक थे। लेकिन इन मिनटों में न केवल यान बैलगाड़ी जितना धीमा हुआ बल्कि उसने धीरे से मंगल की जमीन पर अपनी जगह भी बना ली। मंगल को लेकर वैज्ञानिकों के जेहन में काफी सारी जिज्ञासाएं बनी हुई हैं। मंगल में जीवन को लेकर भी वैज्ञानिक कई तरह के शोध कर रहे हैं। 
 
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कहां उतरा यह यान

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nasa-mars - फोटो : nasa
नासा का इंसाइट लैंडर यान एलिसियम प्लानिशिया नामक सपाट मैदान में उतरा है जो इस लाल ग्रह की भूमध्य रेखा के काफी करीब है। इस यान के मंगल पर उतरने के बाद से ही वैज्ञानिक  इसके आस-पास की जानकारियों और तस्वीरों का इंतजार में हैं। उन्हें उम्मीद है कि यान कुछ ही घंटों में मंगल से जुरी जानकारियां धरती पर भेजना शुरू कर देगा। 
 

क्या है इंसाइट लैंडर?

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nasa-mars - फोटो : nasa
मंगल पर उतरने के दौरान वैज्ञानिकों का कहना था कि यान के लिए पहले सात मिनट काफी अहम होंगे। यान जो 20 हजार किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से भाग रहा था उसे थम जाना था ऐसा करने के दौरान यान के साथ कुछ भी हो सकता था।
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nasa-mars - फोटो : nasa
इंसाइट को इस तरह से तैयार किया गया है कि यह मंगल ग्रह के बारे में जुड़ी सारी मिस्ट्री को सुलझाएगा।  वह इससे जुड़ी अरबों सालों से नहीं मिली जानकारियां भी दे सकता है। वैज्ञानिकों ने यान में कई तरह के यंत्र भेजे हैं जिसमें साइज्मोमीटर सबसे महत्वपूर्ण है जो मंगल के अंदर की हलचलों को रिकॉर्ड करेगा। यह पता लगाएगा कि मंगल के अंदर कोई भूकंप जैसी हलचल होती भी है या नहीं। 
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पहला यान है जो मंगल पर करेगा खुदाई

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nasa-mars - फोटो : nasa
इंसाइट पहला यान है जो मंगल की खुदाई करके उसकी रहस्यमय जानकारियां जुटाने का भी काम करेगा। साथ ही इसमें कई ऐसे उपकरण लगाए गए हैं जो मंगल की जमीन के पांच मीटर नीचे जाकर उसके तापमान का पता लगाने का काम करेंगे। तापमान की स्थिति से यह पता चल सकेगा कि मंगल ग्रह अभी भी कितना सक्रिय है।

यान यहां तीन चरणों में काम करने जा रहा है। जिसमें खुदाई और  तापमान की जानकारी के बाद तीसरे प्रयोग में रेडियो ट्रांसमिशन का इस्तेमाल होगा जिससे यह बता चलेगा कि यह ग्रह अपनी धुरी पर डगमगाते हुए कैसे घूमता है या फिर घूमता भी है या नहीं।  

 
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इस अभियान से जुड़ी एक वैज्ञानिक सुजैन स्म्रेकर कहती हैं, "आप एक कच्चा अंडा लें और एक पक्का अंडा, दोनों को घुमाने पर वह अलग-अलग तरीके से घूमेगा क्योंकि उसके अंदर तरल पदार्थ अलग-अलग है। आज हम यह नहीं जानते हैं कि मंगल के अंदर तरल चीज है या ठोस चीज। साथ ही इसका भीतरी भाग कितना बड़ा है यह भी हमें मालूम नहीं है।  इंसाइट हमें इस तरह की तमाम जानकारियां मुहैया कराएगा। 
 
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