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Israel-Iran Row 6th Day: ईरान-इस्राइल तनाव में मिसाइल हमलों से लेकर ट्रंप की चेतावनी तक, अब तक क्या-क्या हुआ?

Wed, 18 Jun 2025 09:04 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव/तेहरान

सार

Israel-Iran Conflict: इस्राइली सेना ने कहा कि बुधवार सुबह-सुबह ईरानी मिसाइलों ने तेज अवीव को निशाना बनाया। ईरान की ओर से दो मिसाइलें इस्राइल की ओर दागी गईं। इस्राइल भी ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा है। मानवाधिकार समूह के हवाले से बताया गया कि ईरान पर इस्राइली हमलों में 585 लोग मारे गए और 1,326 अन्य घायल हो गए। इस्राइल में ईरानी हमलों से 24 लोगों की मौत होने की खबर है।
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इस्राइल-ईरान संघर्ष - फोटो : PTI
ईरान और इस्राइल ने बुधवार को एक-दूसरे पर नए मिसाइल हमले किए। इसके साथ ही दोनों पुराने दुश्मनों के बीच संघर्ष छठे दिन में प्रवेश कर गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने की बात कही है। इस्राइली सेना ने कहा कि बुधवार सुबह कुछ घंटों में ही इस्राइल पर ईरानी मिसाइलों के दो हमले हुए। इससे पहले इस्राइल ने तेहरान के निवासियों से शहर खाली करने के लिए कहा था, ताकि उसकी वायु सेना ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला कर सके। ईरानी समाचार वेबसाइटों के मुताबिक, तेहरान और राजधानी के पश्चिम में करज शहर में विस्फोट की आवाजें सुनी गईं।
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Donald Trump - फोटो : PTI
'बिना शर्त आत्मसमर्पण' 
ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि अमेरिका का धैर्य खत्म हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई को मारने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, ट्रंप की टिप्पणियों से ईरान के खिलाफ उनका गुस्सा साफ जाहिर होता है। वह इस बात पर भी विचार कर रहे हैं कि ईरान के साथ अमेरिकी भागीदारी को और गहरा किया जाए या नहीं।

उन्होंने ट्रुथ सोशल पर ईरान के अयातुल्ला अली खामेनेई का जिक्र करते हुए लिखा, 'हमें ठीक से पता है कि तथाकथित सर्वोच्च नेता कहां छिपा है। हम उसे खत्म नहीं करने जा रहे, कम से कम अभी तो नहीं... हमारा धैर्य खत्म होता जा रहा है।' तीन मिनट बाद ट्रंप ने पोस्ट किया, 'बिना शर्त आत्मसमर्पण!'
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इस्राइल-ईरान संघर्ष - फोटो : PTI
इस बीच व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने मंगलवार को फोन पर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। अमेरिका के करीबी सहयोगी इस्राइल और लंबे समय से दुश्मन ईरान के बीच संघर्ष के बारे में ट्रंप के विरोधाभासी और रहस्यमयी संदेशों ने संकट के इर्द-गिर्द अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है। उनकी टिप्पणियों में सैन्य धमकियों से लेकर कूटनीतिक पहल तक शामिल हैं। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने यह भी बताया कि ट्रंप ने संघर्ष पर चर्चा करने के लिए मंगलवार दोपहर को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के साथ 90 मिनट तक बैठक की। हालांकि, ब्रिटेन के नेता कीर स्टारमर ने कनाडा में ग्रुप ऑफ सेवन नेशंस के शिखर सम्मेलन में बोलते हुए कहा था कि ऐसा कोई संकेत नहीं है कि अमेरिका संघर्ष में शामिल होने वाला है। 

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इस्राइल-ईरान संघर्ष - फोटो : PTI
अमेरिका में पश्चिम एशिया में तैनाती बढ़ाई
अमेरिका मध्य पूर्व में और अधिक लड़ाकू विमान तैनात कर रहा है। युद्धक विमानों की तैनाती भी बढ़ा रहा है। तीन अमेरिकी अधिकारियों ने कि अमेरिकी सेना ने उत्तर-पूर्वी सीरिया में स्थित दो और ठिकानों से वापसी कर ली है, जिससे सैनिकों की संख्या में तेजी आ गई है। इस बारे में अमेरिका समर्थित सीरियाई कुर्द बलों के कमांडर ने कहा कि इससे इस्लामिक स्टेट को फिर से उभरने का मौका मिल रहा है।
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इस्राइल-ईरान संघर्ष - फोटो : PTI
खामेनेई का क्षेत्रीय प्रभाव कमजोर हुआ
खामेनेई के मुख्य सैन्य और सुरक्षा सलाहकार इस्राइली हमलों में मारे गए हैं। इससे उनका आंतरिक घेरा खोखला हो गया है। ऐसे में रणनीतिक त्रुटियों का जोखिम भी बढ़ गया है। बताया गया कि ईरानी नेताओं को 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सबसे खतरनाक सुरक्षा उल्लंघन का सामना करना पड़ रहा है। देश की साइबर सुरक्षा कमान ने अधिकारियों को संचार उपकरणों और मोबाइल फोन का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ईरानी मीडिया ने बताया कि इस्राइल ने ईरान के डिजिटल बुनियादी ढांचे के खिलाफ बड़े पैमाने पर साइबर युद्ध शुरू किया है।

जब से ईरान समर्थित हमास ने 7 अक्तूबर, 2023 को इस्राइल पर हमला किया और गाजा युद्ध शुरू किया, तब से खामेनेई का क्षेत्रीय प्रभाव कम हो गया है। इसकी वजह यह है कि इस्राइल ने ईरान के प्रॉक्सी को नष्ट कर दिया है। इसमें गाजा में हमास से लेकर लेबनान में हिजबुल्लाह, यमन में हूती और इराक में मिलिशिया तक शामिल हैं। ईरान के करीबी सहयोगी सीरिया के निरंकुश राष्ट्रपति बशर अल-असद को भी हटा दिया गया है।
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इस्राइल-ईरान संघर्ष - फोटो : PTI
कब और क्यों शुरू हुआ हालिया संघर्ष?
इससे पहले इस्राइल ने बीते शुक्रवार को ईरान पर अपना अब तक का सबसे बड़ा हवाई युद्ध शुरू किया है। उसने तर्क दिया कि इस्लामिक गणराज्य परमाणु हथियार विकसित करने की कगार पर है। हालांकि, ईरान ने परमाणु हथियार बनाने से इनकार किया है। नेतन्याहू ने जोर देकर कहा है कि जब तक ईरान के परमाणु विकास को निष्क्रिय नहीं कर दिया जाता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे, जबकि ट्रंप का कहना है कि यदि ईरान संवर्धन पर सख्त प्रतिबंधों पर सहमत हो जाता है, तो इस्राइली हमला समाप्त हो सकता है।
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इस्राइल-ईरान संघर्ष - फोटो : PTI
इस्राइल ने नातान्ज सुविधा में भूमिगत संवर्धन हॉल को निशाना बनाया
इस्राइल के हमले की शुरुआत से पहले संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के 35 देशों के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने लगभग 20 वर्षों में पहली बार ईरान को अपने अप्रसार दायित्वों का उल्लंघन करने वाला घोषित किया। IAEA ने मंगलवार को कहा कि इस्राइली हमले ने नातान्ज सुविधा में भूमिगत संवर्धन हॉल को सीधे निशाना बनाया। इस्राइल का कहना है कि अब ईरानी हवाई क्षेत्र पर उसका नियंत्रण है। आने वाले दिनों में अभियान को आगे बढ़ाने का इरादा है। हालांकि, इस्राइल को फोर्डो जैसे परमाणु स्थलों को नष्ट करने में संघर्ष करना पड़ सकता है, क्योंकि वह जमीन से काफी गहराई में स्थित है। बिना अमेरिका की मदद के ऐसा करना इस्राइल के लिए मुश्किल होगा।
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इस्राइल-ईरान संघर्ष - फोटो : PTI
ईरान में 224, इस्राइल में 24 की मौत
ताजा संघर्ष में ईरानी अधिकारियों ने 585 लोगों की मौत की सूचना दी है, जिनमें से ज्यादातर नागरिक हैं, जबकि इस्राइल ने कहा कि उसके 24 नागरिक मारे गए हैं। ईरान और कतर की ओर से साझा किए जाने वाले विश्व के सबसे बड़े गैस क्षेत्र साउथ पारस सहित अन्य स्थलों पर हमलों के बाद वैश्विक तेल बाजार हाई अलर्ट पर हैं।
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