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Canadian PM Race: भारतवंशी के नामांकन से परिवार उत्साहित, कभी ग्रेनाइट काटने वाले चंद्र आर्य सेना में भी रहे

Sun, 19 Jan 2025 01:10 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, बंगलूरू

सार

कनाडा के प्रधानमंत्री पद के लिए चंद्र आर्य की दावेदारी की खबर से उनके भारत में रहने वाले परिवार को बहुत खुशी हुई है। परिवार ने उनकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि विदेश में रहने के बावजूद, चंद्र हमेशा अपनी जड़ों से जुड़े रहे हैं। 
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चंद्र आर्य, कनाडाई सांसद - फोटो : अमर उजाला
इंडो-कनाडाई नेता चंद्र आर्य ने कनाडा के प्रधानमंत्री पद के लिए होने वाले चुनाव में अपना नामांकन कर दिया है। इस खबर से उनके भारत में रहने वाले परिवार को बहुत खुशी हुई है। परिवार ने उनकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि विदेश में रहने के बावजूद, चंद्र हमेशा अपनी जड़ों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने उनके करियर के सफर का जिक्र करते हुए बताया कि राजनीति में आने से पहले उन्होंने कई पेशों में काम किया।

चंद्र आर्य ने 9 जनवरी को एक वीडियो संदेश में कनाडा के प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ने का एलान किया था। उन्होंने कहा, मैं कनाडा का अगला प्रधानमंत्री बनने के लिए चुनाव लड़ रहा हूं ताकि एक छोटी और अधिक कुशल सरकार का नेतृत्व कर सकूं और अपने देश का पुनर्निर्माण कर सकूं। हमें अपने बच्चों और पोते-पोतियों के भविष्य के लिए बड़े और साहसिक फैसले लेने की जरूरत है।

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चंद्र आर्य के पिता गोविंदय्या - फोटो : एएनआई
भारतीय सेना के सेकंड लेफ्टिनेंट से कनाडा तक का सफर
चंद्र आर्य के पिता गोविंदय्या ने कहा, मेरे पास अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। उन्होंने बताया कि चंद्र एक छोटे से गांव में पले-बढ़े थे, लेकिन अंत में कनाडा पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने कई करियर विकल्पों को आजमाया और अंत में नेपियन, कनाडा के सांसद बने। गोविंदय्या ने बताया कि चंद्र स्कूल में एक होनहार छात्र थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्हें भारतीय सेना में बतौर सेकंड लेफ्टिनेंट चुना गया। इसी दौरान उन्हें दिल्ली में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में जूनियर साइंटिस्ट की नौकरी भी मिली। हालांकि,डीआरडीओ का माहौल उन्हें पसंद नहीं आया और वे वहां से लौट आए। फिर उन्होंने कर्नाटक राज्य वित्त निगम (केएसएफसी) में डिप्टी मैनेजर के रूप में काम करना शुरू किया। अपने शुरुआती दिनों में चंद्र आर्य ने कई भूमिकाएं निभाईं।

कनाडा में स्वयंसेवी संगठनों संग किया काम निकाली पत्रिका
पिता गोविंदय्या के मुताबिक, केएसएफसी में काम करने के बाद चंद्र ने अपनी खुद की कंसल्टेंसी शुरू की और फिर ग्रेनाइट कटिंग और पॉलिशिंग का काम किया। इसके बाद उन्होंने ओमान और कतर में कुछ समय तक काम किया। आखिरकार, वे कनाडा चले गए और वहां एक वित्तीय कंपनी में काम करने लगे। गोविंदय्या ने बताया कि एक भारतीय मूल के व्यवसायी ने चंद्र को अपनी कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट बनने का बुलावा भेजा। बाद में कनाडा में रहते हुए, चंद्र ने 7-8 स्वयंसेवी संगठनों के साथ काम किया। इससे उन्हें कई लोगों से जुड़ने का मौका मिला। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ एक मासिक पत्रिका भी शुरू की। इसकी वजह से वे कई क्षेत्रों के प्रभावशाली लोगों के संपर्क में आए। इसके बाद, उन्होंने कनाडा की लिबरल पार्टी जॉइन की और नेपियन के सांसद का चुनाव जीता।
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चंद्र के भाई श्रीनिवास - फोटो : एएनआई
वह अपनी भारतीय जड़ों से अलग नहीं होना चाहते
चंद्र के भाई श्रीनिवास ने कहा कि जब चंद्र पहली बार सांसद बने, तो ही परिवार को बहुत गर्व हुआ था। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन ऐसा आएगा जब चंद्र कनाडा के प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ेंगे। श्रीनिवास ने यह भी कहा कि वे सिर्फ एक भाई के तौर पर नहीं, बल्कि एक भारतीय के रूप में भी गर्व महसूस कर रहे हैं। श्रीनिवास ने यह भी बताया कि चंद्र हमेशा अपनी भारतीय जड़ों से जुड़े रहे हैं। राजनीतिक जिम्मेदारियों के बावजूद, वे अक्सर बंगलूरू और अपने गांव आते रहते हैं। वहां वे अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलते हैं और अपने परिवार और समुदाय से जुड़े रहते हैं। वह अपनी जड़ों से अलग नहीं होना चाहते थे। 
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