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Students Visa: ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर छात्रों के वीजा साक्षात्कार क्यों रोके, भारत पर क्या असर? जानें सबकुछ

Wed, 28 May 2025 09:57 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दुनिया भर में स्थित अमेरिकी दूतावासों को आदेश दिया है कि वे छात्र-वीजा आवेदकों के लिए नए साक्षात्कार आयोजित न करें। इसकी वजह ट्रंप प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया प्रोफाइलों की गहन जांच करने का संभावित योजना को बताया जा रहा है।
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डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई
अमेरिका में पढ़ाई करने की सोच रहे विदेशी छात्रों के लिए बुरी खबर आई है। ट्रंप प्रशासन ने सभी अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को निर्देश दिया है कि वे नए छात्र वीजा साक्षात्कार फिलहाल न लें। यह कदम इसलिए उठाया गया है, क्योंकि प्रशासन विदेशी छात्रों की सोशल मीडिया जांच अनिवार्य करने पर विचार कर रहा है। मामले में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की तरफ से 27 मई को हस्ताक्षरित एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। रुबियो ने लिखा, 'आवश्यक सोशल मीडिया स्क्रीनिंग और जांच के विस्तार की तैयारी में तत्काल प्रभाव से वाणिज्य दूतावास अनुभागों को आगे के दिशानिर्देश जारी होने तक कोई अतिरिक्त छात्र या एक्सचेंज विजिटर (एफ, एम और जे) वीजा अपॉइंटमेंट नहीं जोड़नी चाहिए।'

यह निर्देश दुनिया भर के राजनयिकों को भेजा गया। आदेश ट्रंप प्रशासन की ओर से अमेरिका में विदेशी छात्रों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने के प्रयासों के बीच जारी किया गया। आदेश ऐसे वक्त आया है, जब ट्रंप प्रशासन की हालिया कार्रवाइयों से लगने लगा है कि विदेशी छात्रों ने देश में यहूदी विरोधी माहौल में योगदान दिया है। हालांकि, पहले से निर्धारित साक्षात्कारों को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई है।

रिपोर्टों के बीच अमेरिकी सरकार ने एक लिंक साझा करते हुए जवाब दिया है, जहां छात्र वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, रुबियो की टिप्पणी के मुताबिक, छात्र वीजा के लिए नए साक्षात्कार अभी भी स्थगित हैं। इससे पहले सोशल मीडिया स्क्रीनिंग लागू की गई थी, लेकिन केवल उन छात्रों के लिए जिन्होंने फलस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था। कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऐसे कई विदेशी छात्रों की वीजा रद्द कर दिया गया है, जिन्हें अमेरिका में फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनों में भाग लेते पाया गया था। कुछ मामलों में तो निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें देश से बाहर कर दिया जाए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आगाह किया
भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने अमेरिका में पढ़ाई कर रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों को मंगलवार को आगाह किया कि यदि वे अपने संस्थान को सूचित किए बिना पढ़ाई छोड़ देते हैं, या कक्षाओं में हाजिर नहीं रहते हैं या अपने अध्ययन कार्यक्रम को बीच में छोड़ देते हैं तो उनका छात्र वीजा रद्द किया जा सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
भविष्य में भी अमेरिकी वीजा नहीं मिलने का खतरा
दूतावास की तरफ से सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में विदेशी छात्रों को सलाह दी गई है कि वे वीजा शर्तों का पालन करें और किसी भी समस्या से बचने के लिए छात्र का अपना दर्जा बरकरार रखें। पोस्ट में कहा गया है, यदि आप पढ़ाई छोड़ देते हैं, कक्षाओं में शामिल नहीं होते हैं या अपने स्कूल को सूचित किए बिना अपना अध्ययन कार्यक्रम छोड़ देते हैं तो आपका छात्र वीजा रद्द किया जा सकता है, और आप भविष्य में अमेरिकी वीजा के लिए पात्रता गंवा सकते हैं।

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अमेरिकी वीजा - फोटो : एएनआई
दो साल पहले 1.40 साल से अधिक छात्र वीजा
गौरतलब है कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र दाखिला लेते हैं। भारत स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास टीम ने 2023 में 1,40,000 से अधिक छात्र वीजा जारी किए थे। यह किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक था और इस मामले में लगातार तीसरे वर्ष रिकॉर्ड बनाया था। उसी वर्ष भारत में अमेरिकी मिशन ने रिकॉर्ड 14 ला वीजा जारी किए थे। 
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अमेरिकी वीजा - फोटो : ani
हार्वर्ड पर भी कार्रवाई
कुछ दिन पहले ही ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (एसईवीपी) की मान्यता रद्द कर दी थी। इससे अब हार्वर्ड विदेशी छात्रों को नामांकन नहीं दे सकता और वहां पढ़ रहे विदेशी छात्रों को दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर करना होगा या अपना कानूनी स्टेटस से हाथ धोना होगा। मामले में डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) का आरोप है कि हार्वर्ड ने एंटी-अमेरिकन और आतंक समर्थक प्रदर्शनकारियों को कैंपस में हिंसा फैलाने दी, जिससे यह एक असुरक्षित माहौल बन गया, खासकर यहूदी छात्रों के लिए।
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