विद्रोहियों के खात्मे के नाम पर अपने ही बेगुनाह नागरिकों शिकार बना रही सीरियाई सरकार के खिलाफ विश्व के देश एकमत हो गए हैं। अमेरिका द्वारा सीरियाई सैन्य क्षेत्र पर हुआ हवाई हमला पूरी दुनिया को हैरान कर गया है। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया द्वारा किए गए रासायनिक हमले की कड़ी निंदा की थी और चेताया था कि अगर उसने ये हमले नहीं रोके तो इसका परिणाम ठीक नहीं होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम दिए संबोधन में कहा कि फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम की सेनाओं के साथ सशस्त्र ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीरिया की सरकार के रासायनिक हथियार बनाने के ठिकानों पर हमले के आदेश दिये गए हैं। हमारा उद्देश्य केमिकल हथियारों के प्रयोग पर अंकुश लगाना है। ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के बारे में कहा कि कोई इंसान ऐसा काम नहीं कर सकता है। ऐसी हरकत केवल शैतान ही कर सकता है।
आइए, जानते हैं कैसे अमेरिका ने हमला करने की तैयारी को अंजाम दियाः