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South Korea: दक्षिण कोरिया में महाभियोग झेल रहे राष्ट्रपति यून की औपचारिक गिरफ्तारी; कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

Sun, 19 Jan 2025 08:07 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, सियोल

सार

इससे पहले कोर्ट ने इस बात पर विचार किया कि उनकी औपचारिक गिरफ्तारी के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसी के अनुरोध को स्वीकार किया जाए या नहीं। यून सुक येओल के आवास पर कानून प्रवर्तन एजेंसी ने एक व्यापक अभियान चलाकर उन्हें बुधवार को हिरासत में लिया था।
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यून सुक येओल - फोटो : Amar Ujala
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल को रविवार तड़के औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। यून सुक येओल देश में महाभियोग का सामना कर रहे हैं। यून सुक येओल को कुछ दिन पहले सियोल में राष्ट्रपति निवास से हिरासत में लिया गया था।

इससे पहले कोर्ट ने इस बात पर विचार किया कि उनकी औपचारिक गिरफ्तारी के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसी के अनुरोध को स्वीकार किया जाए या नहीं। यून सुक येओल के आवास पर कानून प्रवर्तन एजेंसी ने एक व्यापक अभियान चलाकर उन्हें बुधवार को हिरासत में लिया था। उन पर 3 दिसंबर को मार्शल लॉ की घोषणा से जुड़े संभावित विद्रोह के आरोप हैं।
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Yoon Suk Yeol - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने 16 दिसंबर को महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून सुक येओल की रिहाई की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। येओल के वकीलों ने यह याचिका दायर की थी।
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Yoon Suk Yeol - फोटो : X/Yoon Suk Yeol
पूछताछ में यून ने नहीं दिए थे अधिकांश सवालों के जवाब
इससे पहले येओल से 15 दिसंबर को 10 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की गई थी। इसके बाद उन्हें सिओल के पास एक हिरासत केंद्र में भेजा दिया गया था। पूछताछ के दौरान उन्होंने अपने 'चुप रहने के अधिकार' का उपयोग किया और गुरुवार को अधिकांश सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया। उनके वकीलों का कहना है कि यह जांच ही गैरकानूनी है।

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यून सुक योल - फोटो : एएनआई
तीन दिसंबर को लगाया था मार्शल लॉ
सुक येओल की ओर से 3 दिसंबर को मार्शल लॉ के एलान ने दक्षिण कोरियाई लोगों आश्चर्य में डाल दिया था। इस घोषणा के बाद देशभर में आक्रोश देखने को मिला। हालांकि, मार्शल लॉ केवल कुछ घंटे तक ही लागू रहा, लेकिन इसने देश की राजनीति, कूटनीति और वित्तीय बाजार में हलचल मचा दी। इसके बाद एशिया के सबसे जीवंत लोकतंत्रों में से एक दक्षिण कोरिया ने अचानक से अभूतपूर्व राजनीतिक उथल-पुथल का दौर देखा। इसके बाद 14 दिसंबर को सांसदों ने उन पर महाभियोग चलाने और उन्हें पद से हटाने के लिए मतदान किया। 
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Yoon Suk Yeol - फोटो : ANI
इसके बाद सियोल पश्चिमी जिला न्यायालय ने 31 दिसंबर को यून सुक येओल को हिरासत में लेने का वारंट जारी किया था, क्योंकि वह पूछताछ के लिए जांच अधिकारियों के समक्ष पेश नहीं हो रहे थे। जब जांच एजेंसी और पुलिस यून को गिरफ्तार करने पहुंची तो उनके समर्थक और राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा ने विरोध किया था। इस दौरान यून के वकीलों ने एक कानून का हवाला देते हुए कहा था कि भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी के पास विद्रोह के आरोपों की जांच करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
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