मौजूदा समय में दुनिया एक ऐसे साइबर अटैक से हलकान है, जिसका इलाज कोई भी दिग्गज नहीं खोज पा रहा था। पर ऐसे ही समय में एक 22 साल के साइबर एक्सपर्ट लड़के ने वो कर दिखाया, जिसपर उसे खुद ही यकीन नहीं हो रहा था। पर उसने सिर्फ 8यूरो खर्च करके ऐसा कुछ कर दिखाया, जो किसी भी साइबर एक्सपर्ट के बस की बाहर हो चुकी थी।
I will confess that I was unaware registering the domain would stop the malware until after i registered it, so initially it was accidental.
— MalwareTech (@MalwareTechBlog) May 13, 2017
इस ब्रिटिश साइबर मसीहा ने एक्सीडेंटल ही सही, पर 8यूरो खर्च करके ऐसी तरकीब खोज निकाली। जिसकी वजह से साइबर वर्ल्ड आज उसे मसीहा जैसी इज्जत दे रहा है। लड़के का नाम अभी तक किसी को पता नहीं चल पाया है, हालांकि वो @ MalwareTechBlog नाम से लोगों की ऑनलाइन मदद कर रहा है।
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एक्सीडेंटली मिला साइबर अटैक का इलाज
- फोटो : Twitter
करीब 22 साल इस साइबर मसीहा ने कहा कि उसने रैंसनवेयर से बचाव के लिए एक्सीडेंटली ही सही, पर एक तरीका खोज निकाला है। ये तरीका उसने एक वेबडोमैन की मदद से खोज निकाला, जिसपर इन्फेक्टेड सिस्टम से लॉग ऑन करके इस वायरस से बच निकलने में मदद मिल रही है। उसने कहा कि रैंसमवेयर में एक लूपहोल था, जिसकी मदद से उसने रैंसमहोल से बच निकलने का कारगार तरीका ढूंढ निकाला। हालांकि ये तरीका कभी भी खत्म किया जा सकता है, क्योंकि उसकी कोडिंग वायरल को अपडेट करने वाले लोग बदल भी सकते हैं। ऐसे में लोग जल्द से जल्द अपना ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट कर लें।
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रैंसमवेयर से बचने के लिए सिस्टम करें अपडेट
- फोटो : twitter
@ MalwareTechBlog की तरकीब के मुताबिक उसने जो डोमैन बुक किया है, वो रैंसमवेयर के लिए ‘इमरजेंसी स्टॉप’ की तरह है। जिसपर री-डायरेक्ट होते ही रैंमसवेयर रुक जा रहा है।
इस वॉयरस को जारी करने वालों ने कहा कि जॉम्बी वॉयरस अभी सिर्फ ट्रेलर की तरह है। वो और भी बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया को प्रभावित करने का दमखम रखते हैं। इसी के बाद @ MalwareTechBlog ने कहा कि अभी खतरा खत्म नहीं हुआ है। लोग अपने सिस्टम को जल्दी से जल्दी अपडेट करें। वर्ना हैकर इस कोड को जैसे ही बदल लेंगे, वैसे ही ये ‘इमरजेंसी स्टॉप’ बेअसर हो जाएगा।
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Cyber Attack
बता दें कि इस समय दुनिया के सभी हिस्सों में करीब 1 लाख 30 हजार कंप्यूटरों में ये वायरल घुस चुका है, जो जॉम्बी की तरह काम कर रहे हैं। इन इन्फेक्टेड कंप्यूटर जुड़े सभी कंप्यूटरों में से वायरल अपने आप पहुंच जा रहा है, जिसकी वजह से इसे जॉम्बी वॉयरस भी कहा जा रहा है।
इस रैंसमवेयर वायरस के अटैक की चपेट में आकर दुनिया की शीर्ष कंपनियां भी प्रभावित हुई हैं, जिसमें ताजा नाम रेनॉ का है। इस अटैक की वजह से रेनॉ को अपने प्लांट में काम ठप करना पड़ा है।