अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में लगातार बड़े फैसले कर रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलने का एलान किया है। ट्रंप इससे पहले गाजा पर अमेरिका के नियंत्रण और कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने जैसे बयानों से भी हलचल पैदा कर चुके हैं। जानिए मैक्सिको से जुड़े फैसले का असर
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल)
- फोटो : ANI
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीते 20 जनवरी को शपथ लेने के बाद कई बड़े फैसले कर चुके हैं। अवैध प्रवासियों को निकाले जाने, चीन-कनाडा और मैक्सिको जैसे देशों पर टैरिफ लगाने का फैसला सर्वाधिक चर्चा में रहा है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने गल्फ ऑफ मैक्सिको यानी ‘मैक्सिको की खाड़ी’ का नाम बदलकर ‘अमेरिका की खाड़ी’ करने का एलान किया है। व्हाइट हाउस ने ट्रंप प्रशासन के इस अहम फैसले के बारे में एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि फ्लोरिडा से टेक्सास होते हुए मैक्सिको तक फैले जल मार्ग को अब अमेरिका की खाड़ी नाम से जाना जाएगा। अमेरिका ने कहा है कि अन्य देशों पर भी ऐसा ही करने का दबाव बनाया जा रहा है।
अमेरिका के बाहर भी होगा बदलाव
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस अहम फैसले के बारे में बुधवार को बताया कि लुइसियाना के तट के पास के बने जल निकाय को अब ‘अमेरिका की खाड़ी’ कहा जाएगा, यह पूरी तरह सच है। उन्होंने कहा, वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। लेविट ने कहा, 'हम इसे (खाड़ी के नाम को) न केवल यहां के लोगों के लिए, बल्कि दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए भी बदलेंगे।'
ट्रंप ने कार्यकारी आदेश से मैक्सिको से जुड़ा फैसला लिया
बता दें कि 47वें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने से पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर ‘अमेरिका की खाड़ी’ रखने का एलान कर दिया था। 20 जनवरी को अपने शपथ ग्रहण के तत्काल बाद ट्रंप ने इस संबंध में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे।
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क्लाउडिया शिनबाम मैक्सिको की पहली महिला राष्ट्रपति
- फोटो : amar ujala graphics
मैक्सिको की महिला राष्ट्रपति ने खारिज किया अमेरिकी फैसला
ट्रंप के हस्ताक्षर करने के बाद मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने ट्रंप के इस कदम को खारिज करने की घोषणा कर दी थी। उन्होंने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप खाड़ी के अमेरिकी हिस्से के लिए अपनी पसंद के नाम का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर के तुरंत बाद कहा था, 'हमारे लिए, यह अब भी मैक्सिको की खाड़ी है और पूरी दुनिया के लिए भी यह मैक्सिको की खाड़ी ही रहेगी।'
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Google Maps
- फोटो : FREEPIK
गूगल भी अमेरिकी सरकार के फैसले के साथ
बता दें कि ‘गूगल मैप्स’ पर अमेरिकी यूजर्स के लिए ‘अमेरिका की खाड़ी’ नाम का इस्तेमाल शुरू हो चुका है। गूगल ने कहा है कि ऐसे मामलों में अमेरिकी सरकार के निर्देशों का पालन करना उसकी बहुत पुरानी और ‘‘दीर्घकालिक नीति’’ रही है।
क्या महंगा पड़ा ट्रंप सरकार के फैसले का विरोध? व्हाइट हाउस ने एंट्री पर लगाई रोक
हालांकि, इस संबंध में समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) ने पिछले महीने कहा था कि वह अपनी रिपोर्ट्स में ‘मैक्सिको की खाड़ी’ नाम का इस्तेमाल करना जारी रखेगा। अपने फैसले के समर्थन में एपी ने दलील दी है कि दुनिया भर में समाचार प्रसारित करने वाली एक वैश्विक समाचार एजेंसी के रूप में उसे ऐसे नाम ही इस्तेमाल करने चाहिए जिन्हें लोग आसानी से पहचान सकें। हालांकि, देश सरकार की मुखालफत करने का संकेत देने वाले एपी के इस फैसले के बाद, अमेरिका ने एपी के पत्रकारों को कई सरकारी कार्यक्रमों को कवर करने से रोक दिया।
व्हाइट हाउस ने कहा- राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले के खिलाफ जाना अस्वीकार्य
एपी के प्रकरण में आवाज दबाने और अलोकतांत्रिक निर्णयों जैसे आरोपों के बाद ‘व्हाइट हाउस’ ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, 'जो समाचार संगठन मैक्सिको की खाड़ी के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले के मुताबिक नए नाम का उपयोग करने से इनकार कर रहे हैं, वे झूठ बोल रहे हैं। व्हाइट हाउस ने साफ किया कि ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के पत्रकार राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में भाग नहीं ले सकेंगे। व्हाइट हाउस में उनके आने पर रोक का फैसला बरकरार रहेगा।