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मेट्रो गेट में फंसे बाल, 6 स्टेशनों तक दरवाजे से चिपकी रही महिला!

Mon, 22 May 2017 09:48 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
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OMG मेट्रो गेट में फंसे बाल - फोटो : CCTV Facebook page
सुरक्षा चेतावनियों को नजरअंदाज करना कई बार भारी पड़ जाता है। ऐसी ही गलती हुई एक महिला से, जब वो मेट्रो में चढ़ी ही थी कि मेट्रो के दरवाजे बंद होने से उसके बाल फंस गए। अजीब बात ये रही कि मेट्रो के अगले 6 स्टॉपेज तक वो दरवाजे से सटकर ही खड़ी रही, क्योंकि वो अपने बाल नहीं छुड़ा पाई थी। अगली स्लाइड में जानें, कहां का है ये वाकया...
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चीन का है मामला - फोटो : CCTV Facebook Page
ये वाकया चीन के गुआनदोंग प्रांत का है। ये महिला अंडरग्रॉउंड ट्रेन में जैसे ही सवार हुई, वैसे ही फंस गई। इसकी वजह दरवाजों का बंद होना रहा। चूंकि महिला के शरीर का कोई अन्य अंग दरवाजों के बीच नहीं आया था, इसीलिए सेंसर भी इस चूक को नहीं पकड़ पाया और मेट्रो अपने गंतव्य की ओर बढ़ चली। आगे जानें, 6 स्टेशनों तक क्यों फंसी रही महिला...
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दूसरी तरफ खुले दरवाजे - फोटो : CGTN Facebook page
ये महिला झूजिआंग सिनचेंग स्टेशन से मेट्रो में सवार हुई और फंसी। उसके साथ बुरा ये भी हुआ कि अगले 6 स्टेशनों पर दरवाजे दूसरी तरफ खुले। जैसे दिल्ली मेट्रो में होता है। इस तरह वो महिला 6 स्टेशनों तक दरवाजे से चिपकी खड़ी रही और मदद के लिए चिल्लाती रही। महिला ने खुद को छुड़ाने की भरसक कोशिश की, पर वो सफल नहीं हो पाई। इस दौरान महिला को मेट्रो कर्मचारियों ने खुद को छुड़ाने का अजीब प्रस्ताव दिया। आगे की स्लाइड में जानें, क्यों महिला ने वो कदम उठाने से मना कर दिया और 6 स्टेशनों तक फंसी रही।

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मेट्रो कर्मचारियों ने दिया अजीब प्रस्ताव - फोटो : CGTN
दरअसल, स्टाफ ने महिला से कहा कि अगली बार इस तरफ के दरवाजे 6 स्टेशन बाद ही खुलेंगे। ऐसे में वो अपने फंसे बालों को काट दे और खुद को छुड़ा ले। पर महिला ने अपने बाल काटने से मना कर दिए और वो वहीं पर खड़ी रही। आगे जानें, अधिकारियों ने क्या कहा...
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पैसेंजरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी - फोटो : CGTN
गुआंगझोई सबवे के अधिकारियों ने बताया कि बेहद छोटी सी चीज फंसने पर कई बार अलॉर्म सेंसर सक्रिय नहीं होते। चूंकि मेट्रो अपनी गति से चल रही थी, ऐसे में इमरजेंसी वाले उपाय करके महिला नहीं निकालने का फैसला लिया गया। चूंकि सभी पैसेंजरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है, ऐसे में एक के लिए हम सभी की जान खतरे में नहीं डाल सकते थे।
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