कोरोना वायरस का प्रकोप (Coronavirus Outbreak) दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है। ऐसे में एक नए वायरस हंता से एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। लोगों के मन में एक ही सवाल है क्या हंता वायरस से घबराने की जरूरत है? क्या यह कोरोना की तरह ही खतरनाक हो सकता है? इस संक्रमण से पीड़ित व्यक्तियों की मृत्युदर क्या है? किन लोगों पर इस वायरस का खतरा ज्यादा है? आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब।
ऐसे पहचानें हंता से संक्रमित हैं...
हंता वायरस के संक्रमण का लक्षण दिखने में करीब आठ हफ्तों का समय लग सकता है। इसके कुछ महत्वपूर्ण लक्षणों में थकान, बुखार और मांसपेशियों में दर्द के अलावा सिरदर्द, चक्कर आना, ठंड लगना, उल्टी, डायरिया और पेट दर्द आदि शामिल हैं। लक्षण बरकरार रहने पर मौत भी हो सकती है। हंता वायरस से होने वाली बीमारी HPS से अब तक 38 प्रतिशत पीड़ितों ने दम तोड़ दिया है। यानी यह कोरोना से ज्यादा खतरनाक हो सकता है अगर आप इसे गंभीरता से न लाया जाए। समझने वाली बात यह है कि इस वायरस संक्रमित चूहों में कोई बीमारी नहीं होती, लेकिन इसके कारण इंसानों की मौत हो जाती है।
क्या है इलाज
सीडीसी के मुताबिक हंता वायरस संक्रमण के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनाई गई है। हालांकि, अगर संक्रमण समय से पहचान लिया जाए तो चिकित्सकों की देखरेख में इसे ठीक किया जा सकता है। सीडीसी का कहना है कि हंता वायरस जानलेवा हो सकता है। अभी तक चीन में 32 लोग हंता वायरस के संदिग्ध हैं जिनकी जांच की जा रही है। चीन में हंता वायरस का ऐसे समय पर आया है जब पूरी दुनिया कोरोना के कहर को झेल रही है।
कोरोना वायरस से दुनिया भर में चार लाख 51 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं और मरने वालों की संख्या 20,000 के पार पहुंच गई है। केवल भारत में ही कोरोना के 600 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। जिनमें से 13 लोगों की मौत हो चुकी है।