19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस दुनियाभर में मनाया जाता है। यह दिन उन सभी फोटोग्राफरों और कला प्रेमियों को समर्पित है, जो अपने कैमरे से पलों को कैद कर उन्हें अमर बना देते हैं।
हर साल 19 अगस्त को पूरी दुनिया में विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन सभी फोटोग्राफरों और शौकीनों को समर्पित है, जिन्होंने अपने कैमरे के जरिए समय के उन खास पलों को कैद किया जो हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बन गए।
विज्ञापन
2 of 7
- फोटो : ब्रिजेश भट्ट ग्राम-खेतीखान, चंपावत
एक समय था जब ग्रामीण इलाकों में कैमरा दुर्लभ हुआ करता था। लोग एक फोटो खिंचाने के लिए कई किलोमीटर दूर फोटो स्टूडियो के चक्कर लगाते थे। लेकिन आज स्मार्टफोन और डिजिटल कैमरों ने फोटोग्राफी को हर व्यक्ति की पहुंच में ला दिया है। अब हर कोई कभी भी, कहीं भी तस्वीरें खींच सकता है और उन्हें सहेज कर रख सकता है।
विज्ञापन
3 of 7
चंपावत जनपद के रेगड़ू नामक स्थान से लिया गया फोटो
- फोटो : हिमांशु जोशी चंपावत
दुनिया भर में अनगिनत लोग ऐसे हैं जिन्होंने फोटोग्राफी को न केवल शौक बल्कि अपना करियर भी बनाया है। ऐसे ही लोगों को प्रोत्साहित करने और दुनियाभर में फोटोग्राफी कला को सम्मान देने के लिए हर साल यह दिवस मनाया जाता है। सोशल मीडिया पर इस मौके पर लोग अपनी बेस्ट फोटोज शेयर कर रहे हैं और फोटोग्राफी के सफर को याद कर रहे हैं।
एक तस्वीर हजार शब्दों की जगह ले सकती है। यही विश्व फोटोग्राफी दिवस का सबसे महत्वपूर्ण संदेश है हर खास क्षण को कैद करना ताकि वह समय के साथ खो न जाए। तस्वीर जनजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। किसी हादसे, प्राकृतिक आपदा, सामाजिक आंदोलन, राजनीतिक घटनाक्रम या आम जनजीवन की तस्वीर कई बार शब्दों से अधिक प्रभावशाली ढंग से पूरी कहानी कह देती है।
विज्ञापन
5 of 7
स्थान- आदि कैलाश, व्यास घाटी
- फोटो : फोटो- नमन पटियाल
आज स्मार्टफोन और डिजिटल कैमरों ने फोटोग्राफी को लगभग हर व्यक्ति की पहुंच में ला दिया है। सोशल मीडिया के दौर में हर दिन करोड़ों तस्वीरें खींची और साझा की जाती हैं। एक अच्छी तस्वीर समय, समाज और इतिहास के पल को सुरक्षित कर देती है।
विज्ञापन
6 of 7
- फोटो : फोटो- केसी पांडे, लोहाघाट
विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाने के पीछे की कहानी
9 जनवरी 1839 को डॉगोरोटाइप प्रक्रिया से तस्वीरें निकालने की शुरुआत हुई थी। इसका अविष्कार फ्रांस के जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगरे ने किया था। 19 अगस्त 1839 को फ्रांस ने इसे पेटेंट कराया था और इसी दिन हर साल वर्ल्ड फोटोग्राफी डे मनाया जाता है। फोटोग्राफी में समय के साथ काफी बदलाव आया है। एक दौर था जब बहुत कम लोगों के पास कैमरे हुआ करते थे, लेकिन अब हर हाथ में कैमरा से लैस मोबाइल है। तस्वीरें वह आइना हैं जिनमें हम बीते समय को दोबारा देख सकते हैं।
अल्मोड़ा जनपद के दूनागिरी से हिमालय दर्शन
- फोटो : फोटो- गोपाल कृष्ण त्रिपाठी, द्वाराहाट
विश्व फोटोग्राफी दिवस उन लोगों को समर्पित होता है, जिन्होंने खास पलों को तस्वीरों में कैद कर उन्हें यादगार बना दिया। तस्वीरें लम्हों को संजोने का एक खूबसूरत जरिया है, और इन तस्वीरों को अपनी आंखों और कैमरे में कैद करने वाले फोटोग्राफरों की कलाकारी को आप तक पहुंचाने का जरिया हम यानी अमर उजाला बना है।