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Bhimtal Bus Accident: सामने आई बड़ी चूक...बना दिया होता स्पीड ब्रेकर तो न होता दर्दनाक हादसा; बच जाती जान

Thu, 26 Dec 2024 08:35 AM IST
शाहरुख खान चंद्रेश पांडे, अमर उजाला, हल्द्वानी

सार

भीमताल हल्द्वानी मार्ग पर आमडाली के पास एक कार को बचाने के प्रयास में रोडवेज की बस पैरापिट तोड़ते हुए 150 फुट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दंपती समेत चार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक- परिचालक समेत 26 यात्री घायल हो गए। 
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Bhimtal Bus Accident - फोटो : अमर उजाला
पहले मरचूला और अब आमडाली में बस हादसों ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कब इनसे सबक लिया जाएगा और लोगों का सफर सुरक्षित हो सकेगा। पर्यटन बढ़ाने के लिए पहाड़ में नई-नई जगह खोजना तो ठीक है, मगर उसके अनुरूप बढ़ते यातायात को कंट्रोल करना भी जरूरी है। कम से कम वाहनों की स्पीड पर नियंत्रण तो जरूरी है।

आमडाली में तीव्र मोड़ वाली जगह पर स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए वहां के ग्रामीणों ने दस महीने पहले ही लोनिवि अफसरों को चेताया था। ग्रामीणों के साथ ही विधायक रामसिंह कैड़ा की भी इन अफसरों ने नहीं सुनी। वे सोए रहे। अफसर यदि समय पर जाग गए होते बुधवार को शायद यह हादसा न हुआ होता। अब ऐसे हादसे पहाड़ों को डरा रहे हैं।
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भीमताल के आमडाली के पास बस हादसे में घायल यात्री खाई में पड़े हुए - फोटो : संवाद
कैंची धाम के प्रति विभिन्न प्रांतों के लोगों की आस्था में जब से उबाल आया है, तब से भीमताल-रानीबाग रोड पर यातायात का दबाव दिन दूना रात चौगुना बढ़ गया है। लोनिवि के रिकॉर्ड के मुताबिक भीमताल-रानीबाग रोड पर पिछले एक साल से रोजाना औसतन 17,300 से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजर रहे हैं। इनमें यूपी, महाराष्ट्र, नोएडा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश से आने वाले चौपहिया वाहनों की संख्या सबसे अधिक है।
 
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भीमताल के आमडाली में खाई में गिरने से क्षतिग्रस्त हालत में रोडवेज बस - फोटो : संवाद
हल्द्वानी से बोहराकून तक सड़क पर खड़ी चढ़ाई है, लिहाजा यहां वाहनों की रफ्तार थोड़ा कम रहती है। बोहराकून से आमडाली तक लगभग एक किलोमीटर के दायरे में न तो चढ़ाई है और न ही ढलान। यहां जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां तीव्र मोड़ होने के साथ-साथ सड़क संकरी भी है। इसके बावजूद वाहन चालक यहां पूरी रफ्तार से गाड़ियां दौड़ाते हैं। वाहनों की यही रफ्तार आमडाली के लोगों परेशान किए हुए थी।

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भीमताल के आमडाली के पास बस हादसे में घायल यात्री खाई में पड़े हुए - फोटो : संवाद
विधायक ने खुद एक्सईएन तक पहुंचाई थी मांग
आमडाली निवासी पुलक रंजन शुक्ल, सरोज कांडपाल, रेवती कांडपाल, मुन्नी देवी, मयंक कांडपाल, नेहा बिष्ट, गीता विष्ट आदि ने इसी साल 16 फरवरी को विधायक रामसिंह कैड़ा को बताया था कि यहां अक्सर हादसे हो रहे हैं। तेज रफ्तार दौड़ती गाड़ियां हादसे का कारण बनती रहती हैं। उन्होंने हादसों से बचने के लिए सड़क के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की थी। विधायक ने मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण भी किया था और ग्रामीणों के समक्ष ही लोनिवि भवाली के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को फोन कर स्पीड ब्रेकर बनवाने के निर्देश दिए थे। विधायक का हस्ताक्षरयुक्त एक पत्र भी ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता को भेजा गया था। फिर भी लोनिवि के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन बुधवार को बस हादसा हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यहां स्पीड ब्रेकर होते तो शायद यह हादसा नहीं होता।
 
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भीमताल के आमडाली में खाई में गिरने से क्षतिग्रस्त हालत में रोडवेज बस - फोटो : संवाद
गलत दिशा में दौड़ती हैं बाहरी नंबर की गाड़ियां
पिछले कुछ समय से भीमताल-रानीबाग रोड पर बाहरी नंबर की गाड़ियां अधिक दौड़ रही हैं। इनमें से अधिकांश कैंची धाम पहुंचती हैं। बाहरी नंबर की गाड़ियां लेकर आने वाले अधिकांश वाहन चालकों को पहाड़ में ड्राइविंग का विशेष अनुभव नहीं होता है। खाई की ओर वाहन चलाने से वे डरते हैं और अक्सर ऊपर नीचे आते-जाते वक्त पहाड़ी की ओर से सटकर चलते हैं। ऐसे में वह गलत तरीके से बैंड काटते हैं। इससे आए दिन इस रोड पर चौपहिया वाहनों की आमने-सामने की टक्कर होती रहती है। ऐसे वाहन चालकों पर न तो पुलिस की नजर रहती है और न ही परिवहन विभाग के अधिकारियों की।

 
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घायलों को रस्सी के सहारे खाई से बाहर निकालते स्थानीय लोग - फोटो : संवाद
घायलों को अस्पताल तक लाने में लगे दो घंटे
150 फुट खाई में गिरने से बस में सवार यात्रियों की चीखपुकार मच गई। बस के गिरते ही स्थानीय लोग और भीमताल पुलिस ने खाई में उतरकर रेस्क्यू अभियान चलाया। गहरी खाई होने के चलते रस्सी भी छोटी पड़ गई। साथ ही स्ट्रेचर नहीं मिल पाने से मरीज एक घंटे तक खाई में ही पड़े रहे। बाद में रस्सी, मफलर, शाल में बांधकर कड़ी मशक्कत से घायलों को दो घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। 

 
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घायलों को रस्सी के सहारे खाई से बाहर निकालते पुलिस और स्थानीय लोग - फोटो : संवाद
एसडीआरएफ की खली कमी
घटनास्थल पर बस के गिरते ही भीमताल के स्थानीय लोगों के साथ थानाध्यक्ष पुलिस कर्मियों के साथ तो पहुंचे, लेकिन एसडीआरएफ की टीम के नहीं पहुंच पाने से रेस्क्यू अभियान समय से नहीं चल पाया। इसके चलते स्थानीय लोगों के साथ पुलिस नहीं सीमित संसाधनों से ही बचाव अभियान चलाते हुए खड़ी चढ़ाई पार कर घायलों को सड़क तक पहुंचाया। 
 

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भीमताल के आमडाली में बस हादसे के बाद जुटी लोगों की भीड़ - फोटो : संवाद
भ्रमण के दौरान ग्रामीणों की मांग पर लोनिवि भवाली के एक्सईएन को आमडाली में स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने जल्द काम कराने की बात कही थी। स्पीड ब्रेकर होते तो शायद यह हादसा नहीं होता। संबंधित अधिकारियों का जवाब तलब किया जाएगा।- राम सिंह कैड़ा, विधायक, भीमताल

मुझे यहां कार्यभार ग्रहण किए अभी तीन महीने ही हुए हैं। स्पीड ब्रेकर बनवाने संबंधी निर्देश मेरे संज्ञान में नहीं है।- दीपक कुमार, एक्सईएन, लोनिवि भवाली
 

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भीमताल में बस हादसे में घायलों को स्ट्रेचर नहीं मिलने पर पकड़कर लाते लोग - फोटो : संवाद
भीमताल में खाई में गिरी बस, दंपती समेत चार यात्रियों की मौत
भीमताल हल्द्वानी मार्ग पर आमडाली के पास एक कार को बचाने के प्रयास में रोडवेज की बस पैरापिट तोड़ते हुए 150 फुट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दंपती समेत चार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक- परिचालक समेत 26 यात्री घायल हो गए। इनमें 21 की हालत गंभीर है, जिन्हें एसटीएच हल्द्वानी में भर्ती कराया गया है। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है।
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भीमताल बस दुर्घटना - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हल्द्वानी डिपो की बस पिथौरागढ़ से बुधवार सुबह पांच बजे यात्रियों को लेकर हल्द्वानी के लिए रवाना हुई। दोपहर करीब एक बजे भीमताल पार करते ही आमडाली के पास मोड़ पर एक कार को बचाने के प्रयास में चालक नियंत्रण खो बैठा और बस पैरापिट को तोड़ते हुए 150 फुट गहरी खाई में गिर गई जिससे बस के परखचे उड़ गए और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के क्षेत्रों के लोग और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने घायलों को रस्सी के सहारे सड़क तक पहुंचाया, लेकिन तब तक दंपति समेत चार लोगों की मौत हो चुकी थी।
 
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