फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खूब हुआ हंगामा: वाराणसी में सपा प्रत्याशी का परचा क्यों हुआ खारिज? कांग्रेस नेता ने कहा- भाजपा ने खेला कर दिया

Sun, 27 Jun 2021 03:31 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

हल्ला, हंगामा और नारेबाजी के बीच वाराणसी में जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सपा प्रत्याशी चंदा यादव का नामांकन खारिज हो गया है। इसी के साथ भाजपा प्रत्याशी पूनम मौर्या का निर्विरोध निर्वाचन तय है। 
विज्ञापन
1 of 7
कई बार सपा और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए - फोटो : अमर उजाला
 हल्ला, हंगामा और नारेबाजी के बीच वाराणसी में जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सपा प्रत्याशी चंदा यादव का नामांकन खारिज हो गया है। इसी के साथ भाजपा प्रत्याशी पूनम मौर्या का निर्विरोध निर्वाचन तय है। कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि भाजपा जब चुनाव में हार गई तो उसने खेला कर दिया। शासन और प्रशासन ने मिलकर पंचायत चुनाव में लोकतंत्र की हत्या की है।  जिस तरह से सपा प्रत्याशी का पर्चा खारिज किया गया, बेहद निंदनीय है।

इससे पहले नामांकन पत्रों की जांच में सपा प्रत्याशी के परचे पर आपत्ति लगने की जानकारी के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया।  सैकड़ों की संख्या में सपा नेता जुट गए। इस दौरान मुख्यालय पर पुलिस से काफी नोकझोंक हुई। कई बार सपा और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी हुई। पूरे मुख्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया गया। बाद में अधिकारियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं को सर्किट हाउस में अंदर जाने को कहा। इधर सपा कार्यकर्ताओं को भी दूसरी तरफ किया। काफी देर तक अफरातफरी मची रही। 
विज्ञापन

परचा क्यों हुआ खारिज

2 of 7
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
जिला निर्वाचन अधिकारी / जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के अनुसार दो-दो सेट में सपा और भाजपा की प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। नामांकन पत्रों की जांच में पाया गया कि सपा प्रत्याशी के शपथ पत्र में नोटरी का रिन्यूवल नहीं हुआ है। इसकी सूचना राज्य निर्वाचन आयोग को भी भेज दी गई है।  आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सपा प्रत्याशी के दोनों पर्चें खारिज हुए, वहीं भाजपा प्रत्याशी का एक पर्चा खारिज हुआ है, जबकि एक पर्चा वैध है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के नोटरी अधिवक्ताओं की वैद्यता के बारे में लिखित आपत्ति दाखिल की।
विज्ञापन

3 of 7
सपा से चंदा यादव, भाजपा से पूनम मौर्या पर्चा - फोटो : अमर उजाला
दोनों प्रत्याशियों की ओर से जवाब देने के लिए 2-2 घंटे का समय मांगा गया था। शाम 6.30 बजे पुन: नामांकन पत्रों की जांच हुई, जिसमें दोनों प्रत्याशियों ने अपना-अपना पक्ष रखा। जांच के बाद भाजपा की पूनम मौर्या का एक नामांकन अस्वीकृत किया गया, जबकि एक स्वीकृत हुआ। सपा की चंदा यादव के दोनों नामांकन पत्र अस्वीकृत हो गए। देर रात पर्चा खारिज होने का आदेश जारी किया गया। इसके बाद सपा नेताओं ने आपत्ति जताई। रायफल क्लब के बाहर रात 12 बजे तक सपा नेताओं में मनोज राय धूपचंडी, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव डटे रहे। 

सपा नेता ने कैबिनेट मंत्री पर लगाया चुनाव मैनेज करने का आरोप

4 of 7
सपा प्रत्याशी के चुनाव प्रभारी पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी - फोटो : अमर उजाला
सपा प्रत्याशी के चुनाव प्रभारी पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर नामांकन पत्रों की जांच में अंदर बैठकर चुनाव को मैनेज कर रहे हैं। सपा प्रत्याशी के अधिवक्ता भैयालाल कन्नौजिया का कहना है कि भाजपा प्रत्याशी के साथ भी वही स्थिति है, जो सपा प्रत्याशी के साथ है। उनके हलफनामे में भी कईं गलतियां हैं।
विज्ञापन

कोर्ट में चुनौती देगी सपा

5 of 7
सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया - फोटो : अमर उजाला
सपा के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ने कहा कि पर्चा खारिज करने के आदेश को कोर्ट में चुनौती देंगे। पर्चा खारिज करने वाले जिलाधिकारी को पार्टी बनाएंगे। पार्टी मुख्यालय से जो निर्देश मिलेगा, उसके अनुसार काम करेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि अधिकारी आरएसएस और भाजपा एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। 
विज्ञापन

छावनी में तब्दील रहा जिला मुख्यालय

6 of 7
छावनी में तब्दील रहा जिला मुख्यालय - फोटो : अमर उजाला
नामांकन के समय जिला मुख्यालय छावनी में तब्दील रहा। सुबह 11 बजे से लेकर रात 12 बजे तक पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। नामांकन कक्ष में जाने के दौरान कलेक्ट्रेट के गेट पर सपा की पुलिस से नोकझोंक हुई। सपा ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के नेताओं को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है, जबकि भाजपा के मंत्री और नेताओं को अंदर जाने दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
जिला मुख्यालय छावनी में तब्दील रहा - फोटो : अमर उजाला
सपा-भाजपा कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आता देख पुलिस बीच में खड़ी हो गई। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को दूर किया गया। इसके बाद रात नौ बजे सपा के कुछ चुनिंदा नेताओं को छोड़कर बाकी सभी कार्यकर्ताओं को हटा दिया गया। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि कानून व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें