काशी धर्म, संस्कृति और साहित्य की राजधानी ही नहीं, कला की कुंभ नगरी भी है। मुगल कालीन कला से लेकर आज के रियलिस्टिक आर्ट की साक्षी है काशी। चित्रकला और मूर्तिकला से इतर बनारसी साड़ियां, काशी की काष्ठ कला, गुलाबी मीनाकारी और गंगा की रेत से निकले चमकीले पत्थरों से तराश कर बनने वाली मोतियों का कारोबार देश से लेकर विदेशों तक फैला हुआ है। आज विश्व एथनिक दिवस पर हम काशी के ऐतिहासिक कला और कलाकारी के बारे में बताएंगे, जिसने अपनी पहुंच विश्व फलक तक बनाई है। तस्वीरों में देखें काशी के कला की खूबसूरती....