दिसंबर के पहले हफ्ते से दूसरे हफ्ते तक कोहरे और ठंड ने अपना जमकर रंग दिखाया। शीतलहर और गलन होने कारण लोग अपने घरों में दूबक गए। घना कोहरे के कारण रेल सहित हर प्रकार के यातायात साधन प्रभावित हुए। कई ट्रेनें और विमानें रद्द करनी पड़ी। देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में भी इसका व्यापक असर पड़ा।
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सुहाने मौसम में काशी के घाटों पर बढी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
वैसे तो यहां सैलानियों का हमेशा आवागमन होते रहता है लेकिन ठंड और कोहरे के कारण आवागमन पर असर पड़ा। पिछले छह दिनों से मौसम में सुधार हुआ। कोहरा गिरना बंद हुआ। सूरज का निकलना शुरू हुआ। सूरज की चमक से मौसम अब सुहाना हो गया।
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सुहाने मौसम में काशी के घाटों पर बढी भीड़
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इसका असर वाराणसी की सड़कों और घाटों पर भी दिखने लगा। लोग अपने अपने घरों से निकलने लगे। शहर में देशी विदेशी सैलानियों की संख्या भी बढ़ी। मंगलवार को अस्सी घाट और दश्वामेघ घाट पर विदेशी सैलानियों की अच्छी भीड़ दिखी।
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सूरज की चमक से मौसम अब सुहाना हो गया
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को अस्सी घाट और दश्वामेघ घाट पर विदेशी सैलानियों की अच्छी भीड़ दिखी।
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सुहाने मौसम में काशी के घाटों पर बढी भीड़
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सूरज की गर्मी ने न केवल लोगों को राहत दी, बल्कि कई दिन से परेशान गलन से भी मुक्ति दी। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गयी। पार्कों में धूप सेंकने वालों की काफी भीड़ देखी जा रही है। वहीं कई महिलाओं ने घर के बाहर बैठकर धूप का आनंद ले रहीं है।
सुहाने मौसम में काशी के घाटों पर बढी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
दिन में धूप निकलने से दोपहर लगभग चार बजे तक मौसम में कुछ गरमी महसूस की जा रही है।
जबकि शाम होते ही तापमान कम हो जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, मौसम इसी प्रकार का बना रहेगा। दिन में गरमी और रात में ठंड महसूस होगी। इस दौरान बचकर रहने में ही भलाई है।