अवैध निर्माण करने वालों को सांत्वना देते हुए मीडिया पर मुकदमे की सलाह देने वाले इंस्पेक्टर चौक अशोक कुमार सिंह का एक और वीडियो शनिवार को वाट्सएप पर वायरल हुआ। आगे की स्लाइड्स में जाने पूरा मामला...
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- फोटो : अमर उजाला
इस वीडियो में इंस्पेक्टर चौक के सुर बदले नजर आए। इंस्पेक्टर चौक ने कहा कि उनके शब्दों से यदि मीडिया में किसी को संत्रास हुआ हो तो वो इसके लिए माफी मांगते हैं।
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शहर के वाट्सएप ग्रुपों पर शुक्रवार को एक वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में इंस्पेक्टर चौक दालमंडी बाजार में भीड़ को संबोधित करते हुए लाउड स्पीकर से कह रहे थे कि अवैध निर्माण कोई बड़ा मामला नहीं है... इसमें सिर्फ हजार-दो हजार का जुर्माना होता है... इसमें सजा का प्रावधान नहीं है... न तो किसी को फांसी होने वाली है और न ही निर्माण ढहाया जाएगा।
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इसके साथ ही, पूरे मामले को सामने लाने के लिए इंस्पेक्टर चौक मीडिया को दोषी बताते हुए अदालत जाने और मुकदमा दर्ज कराने की सलाह दे रहे थे। इस वायरल वीडियो को लेकर पुलिस महकमे के उच्चाधिकारी इंस्पेक्टर चौक पर खासे नाराज हैं।
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शनिवार को वायरल वीडियो में इंस्पेक्टर चौक ने कहा कि जो वीडियो वायरल हुआ था उसमें पूरा सच नहीं दिखाया गया। शुक्रवार को वीडीए की टीम दालमंडी बाजार में सर्वे कर रही थी। इस बीच अचानक पांच-छह हजार से ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए और हमलावर मूड में दिखे। सभी गुस्से में थे और उनकी नाराजगी मीडिया पर थी।
परिस्थिति को देखते हुए मैने हैंडल किया। मुझे पता था कि मैं क्या कह रहा हूं। मेरे शब्दों से यदि मीडिया को संत्रास हुआ तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। मगर, यह कहूंगा कि यदि किसी के पास हो तो पूरा वीडियो दिखाया जाए। उससे समझ में आ जाएगा कि कैसी स्थिति थी और लोगों को कैसे नियंत्रित किया गया।