चंद्रहार की तरह सजे काशी के घाटों को कांसेप्ट लाइटिंग से निखारा जा रहा है। इस लाइटिंग से घाटों और ऐतिहासिक धरोहरों की बनावट व नक्काशी की कलात्मकता रात में भी सैलानियां को रिझाएगी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले एक दर्जन से ज्यादा घाटों पर यह लाइटिंग कर दी जाएगी। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
इसी के साथ प्रमुख इमारतों से चकाचौंध करते हैलोजन या एलईडी बल्ब हटाए जा रहे हैं। शहर के प्रमुख भवनों में कराई गई कांसेप्ट लाइटिंग की तर्ज पर घाटों को सजाने और संवारने का काम शुरू कर दिया गया है। मान महल घाट पर कांसेप्ट लाइटिंग की सकरात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब अहित्याबाई, मणिकर्णिका, दशाश्वमेध, राजेंद्र प्रसाद, ललिता घाट सहित राज घाट से अस्सी घाट तक सफेद व पीली लाइट की जगह कांसेप्ट लाइटिंग कराई जा रही है।
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इससे घाटों और ऐतिहासिक भवनों की नक्काशी व कलात्मकता उभर कर सामने आएगी। रात में भी इन बारीकियों को सैलानी आसानी से देख सकेंगे। यहां बता दें कि घाटों पर दो साल पहले तक पीली लाइटें और बाद में सफेद एलईडी लगाई गई थीं। मगर इस लाइटिंग से घाटों की प्राचीन इमारतों की शृंखला ही दिखाई देती है। इसलिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय घाटों की कांसेप्ट लाइटिंग करा रहा है।
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- फोटो : amar ujala
वहीं प्रवासी भारतीय सम्मेलन में फिल्म स्टार हेमा मालिनी गंगा नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी। अब तक वह दुर्गा नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर रहीं थी। पहली बार मां गंगा पर होने वाली प्रस्तुति को भी हेमा बेहतर बनाने के प्रयास में जुट गईं हैं। उन्होंने काशी के विद्वानों से गंगा स्तुति मांगी है। वहीं आदि गुरू शंकराचार्य के बारे में भी उन्होंने पूछा है, जो प्रस्तुति का हिस्सा बनेगा। हेमा मालिनी की दुर्गा सप्तशती पर आधारित नृत्य नाटिका काफी प्रसिद्ध है। इसको लेकर उनको कई सारे अवार्ड भी मिल चुके हैं।
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इस बार 21 से 23 जनवरी को होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस पर एक कार्यक्रम भारत सरकार की ओर से 21 जनवरी को आयोजित किया गया है। इसमें हेमा मालिनी पहली बार गंगा नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी। पहली बार होने वाली इस प्रस्तुति में कोई कमी न रह जाए। इसके लिए हेमा अभी से तैयारियों में जुट गईं हैं।
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काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि जब वे मारकंडेय महादेव में अपनी नृत्य नाटिका की प्रस्तुति करने के बाद बाबा दरबार में दर्शन करने आईं थी, उस दौरान ही उन्होंने चर्चा की थी। इसके बाद उन्होंने श्लोक भेजने को कहा है, इसके लिए मां गंगा की कई स्तुतियों को सुझाया गया है। जिसके बाद वे अपनी तैयारी कर रही हैं।
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कचहरी से लेकर ऐढे गांव तक सड़क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं बीच में हेरिटेज लाइटिंग भी लगाई जा रही है। डिवाइडर पेंट किए जा रहे हैं, इसके अलावा उस मार्ग में आने वाली दीवारों को भी पेंट किया जा रहा है। ऐढ़े गांव के समीप पढ़ने वाले रिंग रोड के ओवर ब्रिज की दीवारों को भी पेंट किया जा रहा है, ताकि आने वाले मेहमानों को धार्मिकता का एहसास दिलाया जा सके।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन को लेकर अतिथियों के लिए टेंट सिटी को कुछ इस तरह डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें एक शहर में मिलने वाली सभी सुविधाएं होंगी। वहीं इस अस्थायी शहर में काशी के धर्म और कला की झलक भी देखने को मिलेगी। एक-एक टेंट को अलग-अलग नाम दिया जाएगा। वहीं सड़कों का भी नामकरण किया जाएगा। 21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन को देखते हुए पूरे शहर को सजाया जा रहा है।