वाराणसी के शिवदासपुर निवासी एक ऑटो चालक ने मानवता की मिसाल पेश की है। ब्रिटेन से काशी घूमने आई महिला व उसका परिवार गुरुवार की रात जब संकट में घिरा तो यह ऑटो चालक ईश्वर का दूत बनकर मदद को आगे आया। शुक्रवार को पूरे बनारस में इस बात को लेकर चर्चा रही। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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- फोटो : अमर उजाला
ब्रिटेन के ब्राडफोर्ड स्थित आईटी कंपनी में इंजीनियर अमित पुरोहित अपनी पत्नी व दस साल की बिटिया के साथ सप्ताह भर पहले काशी घूमने आए थे। गुरुवार रात करीब नौ बजे कैंट स्टेशन के पास पत्नी के पेट में दर्द उठा तो वह परेशान हो गए। आसपास के लोगों से पूछा तो किसी ने मकबूल ऑलम रोड स्थित एक निजी अस्पताल का नाम बताया। अमित परिवार संग सीधे अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कही लेकिन ऑपरेशन करने में असमर्थता जताई और दूसरे अस्पताल जाने को कह दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
मुसीबत तब और बढ़ गई जब पैसे निकालने गए अमित का एटीएम ब्लॉक हो गया। महिला संध्या के मुताबिक वह पति और बेटी के साथ बाहर निकली और किसी तरह सिगरा पहुंची। यहां जब कुछ नहीं सूझा तो एक ऑटो चालक से पूछताछ की। ऑटो चालक मुन्ना ने उनकी भरपूर मदद की। यह जानकर की उनके पास पैसे कम हैं उन्हें ऑटो में बिठाकर काशी विद्यापीठ स्वास्थ्य केंद्र लाकर रात करीब एक बजे भर्ती कराया।
तत्काल इसकी जानकारी अपनी बहन केंद्र पर कार्यरत कार्यकर्ता रत्ना को दी। यहां प्रभारी डॉ. ओपी शुक्ला के निर्देशन में उनकी पूरी टीम तुरंत अलर्ट हो गई और इलाज शुरू कर दिया। शुक्रवार सुबह महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। शिवदासपुर निवासी मुन्ना ने अपने घर से ही उनके खाने का इंतजाम किया और फिर शाम करीब पांच बजे उन्हें स्टेशन तक छोड़ा भी।