फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी बोर्डः रिजल्ट से पहले मनोवैज्ञानिकों ने दी अभिभावकों को बड़ी सलाह,जरूर मान लें

Sun, 29 Apr 2018 08:54 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
1 of 5
result
यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों को रिजल्ट का शिद्दत से इंतजार है। रविवार को दोपहर बाद यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों के सामने होगा। परीक्षा में कड़ाई के कारण रिजल्ट खराब होने की आशंका से कई परीक्षार्थी तनाव में हैं। इसको लेकर मनोवैज्ञानिकों ने अभिभावकों को सलाह दी है। आगे की स्लाइड्स में देखें...

गत वर्ष भी अमर उजाला की आधिकारिक एजुकेशनल वेबसाइट ने सबसे पहले यूपी बोर्ड का रिजल्ट घोषित किया। हाईस्कूल और इंटर का वर्ष 2018 का रिजल्ट जारी होने पर परीक्षार्थी अपना रिजल्ट हमारी वेबसाइट results.amarujala.com पर देख सकेंगे।

 
विज्ञापन

2 of 5
UP Board Exam
सबकी अपनी उम्मीदें हैं और सबका अपना भरोसा। किसके सिर जिले के टॉपर होने का ताज सजेगा, इस पर भी नजरे हैं। स्कूल प्रबंधनों में उत्सुकता है जिले में अव्वल आने की। यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम दोपहर साढ़े बारह बजे घोषित होगा। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों ही परीक्षाओं का परिणाम एक ही दिन आ रहा है। रिजल्ट को लेकर परीक्षार्थी उत्साहित हैं और उन्हें उसका बेसब्री से इंतजार है। 
 
विज्ञापन

3 of 5
BTC 2015 Result

विद्यालयों में भी परीक्षा परिणाम को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। कई स्कूलों में विद्यार्थियों के रिजल्ट के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कोचिंग संस्थान भी रिजल्ट को लेकर पूरी तरह तैयार हैं। यूपी बोर्ड परीक्षाएं छह फरवरी से 12 मार्च तक चली थीं। इसमें हाईस्कूल के 60,627 और इंटरमीडिएट में 53,590 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें करीब दस हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी। 

 

4 of 5
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट एवं हाईस्कूल परीक्षा रिजल्ट शुक्रवार को घोषित हो गया। - फोटो : अमर उजाला
मनोवैज्ञानिक डॉ. अजय तिवारी का कहना है कि बोर्ड परीक्षा को लेकर टेंशन होना लाजमी है। इस दौरा कई बच्चों को नींद और भूख न लगने की समस्या हो जाती है। कई अभिभावक ऐसी ही शिकायतों के साथ आ रहे हैं। अभिभावकों और बच्चों को यही सलाह है कि वो रिजल्ट को लेकर तनाव में बिल्कुल भी न रहें। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
खुशियां मनाते स्टूडेंट्स - फोटो : amar ujala
रिजल्ट जो भी हो उसे सहजता से स्वीकार करें। कम अंक का मतलब यह कतई नहीं कि आपका बच्चा कमतर है। बस जरूरत है उसे सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की। अगर रिजल्ट अच्छा नहीं है तो अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वो बच्चों को प्यार से समझाएं। उनका मनोबल बढ़ाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें