मनोवैज्ञानिक डॉ. अजय तिवारी कहते हैं कि परीक्षा के परिणाम को लेकर जितना परीक्षार्थी परेशान रहते हैं, उससे कहीं ज्यादा अभिभावक चिंतित रहते हैं। यही बच्चों के तनाव की असल वजह भी बनती है। अभिभावकों को समझना चाहिए कि ये बच्चे की परीक्षा का रिजल्ट है, उसके जीवन का नहीं। उन पर रिजल्ट को लेकर किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाएं।