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यूपी-बिहार बार्डर पर हाथियारों से लैस दिखे कई संदिग्ध, सभी थानों की फोर्स और पीएसी को अलर्ट जारी

Sun, 03 Jan 2021 07:26 PM IST
विचित्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
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कांबिंग करती पुलिस।
दो दिन पूर्व यूपी बिहार बार्डर पर हथियारों से लैस कई संदिग्धों के दिखाई देने के बाद सोनभद्र पुलिस चौकन्ना हो गई है। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने नक्सल इलाकों के समस्त थाने एवं पीएसी को अलर्ट कर दिया है। साथ ही सभी सुरक्षा जवानों को कांबिंग करते हुए संदिग्धों को दबोचने का निर्देश दिया है। रविवार को कई थानों की फोर्स, पीएसी के साथ एएसपी नक्सल डॉ. राजीव सिंह एवं सीओ अभिनव यादव सीमावर्ती इलाकों में कांबिंग किए। इस दौरान ग्रामीणों से संदिग्धों के बारे में पूछताछ भी की गई।
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आठ साल पूर्व जिले में एसपी के पद पर तैनात रहे सुभाष चंद्र दूबे ने आपरेशन चक्रव्यूह के जरिए दुर्दांत नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा और लालव्रत कोल सहित अन्य को दबोचकर नक्सलवाद की ऐसी कमर तोड़ी कि यूपी में अब तक नक्सली सिर उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए हैं। इसके लिए उन्हें सीआरपीएफ के डीजी की तरफ से सिविल पुलिस को दिए जाने वाले सर्वोच्च पुरस्कार कमेंडेशन डिस्क से पुरस्कृत किया गया था।
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सूत्रों की मानें तो पिछले माह जिले से सीआरपीएफ के चले जाने के बाद एक बार फिर पड़ोसी बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के नक्सली फिर से सोनभद्र समेत यूपी के अन्य जिलों में पांव पसारने की फिराक में जुट गए हैं। हालांकि सीमा पर जिले की पुलिस की सतर्कता से उनकी मंशा पूरी नहीं हो पा रही है, लेकिन शुक्रवार की रात बिहार बार्डर से सटे जिले के दरेव, दरमा, चरगड़ा समेत अन्य गांवों के जंगल में 12 से 15 संदिग्ध भ्रमण करते दिखाई दिए थे।

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उन लोगों के पास असलहे भी थे, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में प्रवेश नहीं किए। हालांकि इसकी भनक लगने के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह से चौकन्ना हो गया है। रविवार को सीमावर्ती इलाकों में फोर्स कांबिंग करती रही।
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अमरेंद्र प्रसाद सिंह, एसपी सोनभद्र
सोनभद्र के एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह का कहना है कि पड़ोसी राज्य बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की गतिविधियों को देखते हुए बार्डर पर सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी कर दी गई है। जंगल के रास्तों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि नक्सली या अपराधी प्रवेश करने की कोशिश करें तो उन्हें पकड़ा जा सके। नक्सल इलाकों के मुखबिरों को भी अलर्ट कर दिया गया है। 
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