प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मिर्जापुर की रैली में आज भटौली पुल का जिक्र कर सपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। गंगा नदी पर बन रहा यह पुल कछवा को मिर्जापुर से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। आगे की स्लाइड में पढ़ें भटौली पुल की पूरी कहानी -
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bhatauli pul
- फोटो : अमर उजाला
मिर्जापुर की रैली में पीएम मोदी ने मिर्जापुर के लोंगों से सवाल पूछा कि जब यहां उत्तर प्रदेश में 13 साल पहले मुलायम सिंह की सरकार थी तो मुलायम सिंह ने 13 साल पहले मिर्जापुर में पुल निर्माण का आधारशिला रखे था वो अभी तक बना क्या? जवाब मिला अभी तक नहीं बना।
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उन्होंने कहा कि ये काम नहीं कारनामे बोल रहे हैं। यही पुल अगर सैफई में बनना होता तो, 13 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ता। बता दें कि भटौली पुल का निर्माण कार्य 2006 में शुरु हुआ था। 11 साल बीत जाने के बाद अभी भी तक मात्र 60 फीसदी पुल का निर्माण कार्य हुआ है।
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pm modi rally in mirzapur
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भटौली पुल को वर्ष 2014 में बनकर तैयार हो जाना था । समय बढ़ने के साथ ही पुल की लागत और निर्माण के समय के साथ लोगों के इंतजार का दायरा भी बढ़ता ही जा रहा है। प्रदेश सरकार ने इस पुल के लिए पुनरीक्षित बजट जारी किया है।
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narendra modi
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लगभग 11 वर्षों से बन रहे इस पुल के कार्य के कछुआ चाल से आसपास के लोगों में निराशा है।कछवां के गांधी विद्यालय के प्रांगण में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने भटौली पुल का शिलान्यास वर्ष 2007 में किया था।
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तब से अब तक पुल लगातार बन रहा है। पुल के लिए 39 करोड़ 48 लाख बजट मिला, जबकि लक्ष्य 58 करोड़ 89 लाख का था। बहुजन समाज पार्टी की वर्ष 2007 में सरकार बनने के बाद इस पुल पर निर्माण कार्य रुक गया था। दिसंबर 2011 में 36 करोड़ 27 लाख का बजट फिर मिला।
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पुल से सटे सड़क को बनाने के लिए भी बजट पास हुआ लेकिन बजट के साथ साथ ही समय भी बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2012 में सपा के सत्ता में आने के साथ पुल निर्माण में तेजी आई। वर्ष 2013 में प्राइवेट कंपनी सिम्पलैक्स को पुल के निर्माण की जिम्मेदारी दी गई।
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देर हुई तो फिर से सेतु निगम को पुल बनाने को कहा गया। अब 81 करोड़ पुनरीक्षित बजट के साथ ही पुल निर्माण का समय बढ़ कर मार्च 2017 तक चला गया है। पुल के बन जाने से कछवां और सीखड़ की दूरी जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर घट जाएगी।
उधर, इस बारे में समाजवादी पार्टी का कहना है कि हल्दिया से इलाहाबाद के बीच केंद्र सरकार जहाज चलाने जा रही है। इसी वजह इस पुल का निर्माण कार्य रोक दिया गया है। केंद्र सरकार अनुमति दे देगी तो पुल का जल्द पूरा कर लिया जाएगा।