वाराणसी में ट्रांसपोर्ट नगर योजना के लिए अधिग्रहीत जमीन का सीमांकन कराने मंगलवार को पहुंची विकास प्राधिकरण, प्रशासन और पुलिस की टीम पर किसानों ने पथराव कर दिया। आरोप है कि पथराव में दरोगा सहित कई पुलिस कर्मियों व प्रशासनिक अधिकारियों को चोटें आईं। इससे नाराज पुलिस कर्मियों ने बल प्रयोग किया। लाठीचार्ज करके पथराव करने वाले किसानों को खदेड़ा। पथराव व लाठीचार्ज में तमाम महिलाओं को भी चोटें आई हैं। एक महिला खून से लथपथ दिखी। महिला के चेहरे के पास गंभीर चोट लगी थी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर में घुसकर पीटा है। तोड़फोड़ भी की है। घरों के दरवाजे तक उखाड़ दिए व चूल्हे तोड़ डाले। इस मामले में प्राधिकरण के अधिकारी की तहरीर पर रोहनिया पुलिस ने 16 नामजद और 120 अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। छह आरोपी हिरासत में लिए गए हैं।
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वाराणसी के रोहनिया में ट्रांसपोर्ट नगर की प्रस्तावित जमीन को लेकर बवाल
- फोटो : अमर उजाला
फिलहाल, सीमांकन का काम जारी है। पूरे घटना से नाराज किसान व किसान संगठनों के पदाधिकारी मंगलवार की देर शाम तक तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन करते रहे। तनाव काे देखते हुए सीमांकन व उसके आसपास के गांवों में कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है।
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वाराणसी के रोहनिया में ट्रांसपोर्ट नगर की प्रस्तावित जमीन को लेकर बवाल
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जानकारी के मुताबिक, ट्रांसपोर्ट नगर के लिए मोहनसराय के बैरवन करनाडाडी में 20 वर्ष पहले 89 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन अधिग्रहीत की थी। इसमें से 45 हेक्टेयर जमीन से संबंधित किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। साथ ही बची जमीन अधिग्रहीत की जा रही है। मुआवजा भी बांटा जा रहा है, लेकिन किसान वर्तमान दर से मुआवजा मांग रहे हैं। किसानों का कहना है कि नए दर से मुआवजा मिलने के बाद ही 44 हेक्टेयर जमीन खाली की जाएगी।
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वाराणसी के रोहनिया में ट्रांसपोर्ट नगर की प्रस्तावित जमीन को लेकर बवाल
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दूसरी तरफ, विकास प्राधिकरण प्रशासन जमीन का सीमांकन कराके ट्रांसपोर्ट नगर योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी में जुटा है। इसी क्रम में टीमें मंगलवार को बैरवन करनाडाडी गईं और जमीन का सीमांकन कराया। आरोप है कि लाठी-डंडा, लोहे की रॉड के साथ आए तमाम महिला व पुरुषों ने सीमांकन रोक दिया और टीम को लौटने की हिदायत दी। बात नहीं बनी तो पुलिस कर्मियों व टीम पर पथराव कर दिया। इससे पुलिसकर्मी दहशतजदा दिखे और मौके से भाग निकले।
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बवाल की सूचना पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को दी गई, फिर पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाकर सीमांकन कराया जाने लगा। इसी बीच बड़ी संख्या में किसान आए और विरोध-प्रदर्शन करने लगे। आरोप है कि किसानों के बीच से कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें बैकफुट पर आ गईं। बुलडोजर की कार्रवाई रूक गई।
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वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिषेक गोयल भी मौके पर पहुंचे, फिर सीमांकन का काम शुरू हुआ। पुलिस ने सख्ती की तो पथराव करने वाले भाग निकले। आपाधापी में कुछ महिलाएं गिर पड़ीं और उन्हें चोट भी आई।एक महिला काफी देर तक अचेत पड़ी रही। उसके नाक पर गंभीर चोट लगी थी। आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद उसे जाने दिया गया।
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वाराणसी के रोहनिया में ट्रांसपोर्ट नगर की प्रस्तावित जमीन को लेकर बवाल
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वीडीए की टीम सोमवार को सीमांकन कराने पहुंची थी, लेकिन किसानों ने विरोध किया। इस कारण टीम को लौटना पड़ा। प्राधिकरण, प्रशासन व पुलिस को पूरी उम्मीद थी कि मंगलवार को भी विरोध होगा। इसी वजह से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। इसके बावजूद हालात अचानक बेकाबू हो गए। पथराव में पुलिस कर्मी व किसान चोटिल हो गए। पथराव का सिलसिला करीब दो घंटे तक चला और हालात बेकाबू ही रहे। पुलिस ने जब बल प्रयोग किया तो गांवों में सन्नाटा हो गए। पुलिस गांव छोड़कर चले गए। सिर्फ महिलाएं ही दिखीं।
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टीपी नगर की प्रस्तावित जमीन पर पथराव और लाठीचार्ज के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि भारी संख्या मे पुलिस बल गांव में आकर घर में घुसकर महिलाओं व बच्चियों को मारपीट कर घायल कर दिया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि घर का दरवाजा भी तोड़कर कुछ पुलिसकर्मी आए और युवकों को पकड़ कर ले गए। जिस जमीन के लिए मुआवजा नहीं दिया गया था, उसका भी सीमांकन कराया जा रहा था।
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लाठीचार्ज में घायल महिलाएं
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ट्रांसपोर्ट नगर की प्रस्तावित जमीन के लिए किसानों और पुलिस के बीच हुए बवाल के बाद मोहनसराय, बैरवन, करनाडाडी, मिल्कीचक और मोहनसराय में सन्नाटा पसरा रहा। पथराव के बाद पुलिस ने आरोपी किसानों को गांव तक खदेड़ा। किसानों का आरोप है कि पुलिस घरों में भी घुसी और पथराव करने वालों को तलाशती रही। इस दौरान कई घरों के दरवाजे तोड़े और चूल्हे को निशाना बनाया। तोड़फोड़ की। महिलाओं और बच्चों तक को नहीं बख्शा है। कई महिलाएं गंभीर रूप से चोटिल हुई हैं।
घटना के बाद विपक्ष के नेता सक्रिय हो गए हैं। किसानों का हाल जानने पहुंचने लगे हैं। दरअसल, सीमांकन और कब्जा लेने की प्रक्रिया में बिना मुआवजे वाली जमीन के अधिग्रहण की अफवाह ने मंगलवार को हालात बिगाड़ दिए। वीडीए की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची और खोदाई कर पिलर गाड़ने का काम शुरू कर दिया। इसी बीच किसान आए और उन्होंने टीम को खोदाई करने से रोका। आरोप लगाया कि मुआवजा दिए बगैर ही जमीन कब्जाई जा रही है।