चर्च के पादरी स्टीवंस बताते हैं कि इसकी दीवारों पर कोई शिलालेख नहीं है, जिससे इस चर्च के निर्माण के बारे में पता चल सके। माना जाता है कि प्रभु ईसा के 12 शिष्यों में से एक सेंट थॉमस ने 52ईस्वी से 72ईस्वी के दौरान वहीं एक शिष्य थे जो रोमन साम्राज्य से आकर यहां ईसाई धर्म का प्रचार करते थे। माना जाता है कि वह अरब सागर पार करके 52ईस्वी में केरल में आए थे, जहां उन्होंने ईसाई धर्म का प्रसार किया था।