सांकेतिक तस्वीर
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गूंजने लगे विरोध के स्वर
मंडुवाडीह स्टेशन का नाम बनारस बदलने पर विरोध भी शुरू हो गया है। जदयू के नेता और अन्य समाजसेवियों को नाम बदलने पर आपत्ति है। कुछ लोगों ने आपत्ति को लेकर गृह मंत्रालय को पत्र भी लिखने का मन बना लिया है। कबीरचौरा के रहने वाले रविंद्र सहाय कैलाशी ने बताया कि महान संत कबीर का उद्भव काशी के लहरतारा (मंडुवाडीह स्टेशन के पास) हुआ था।
विश्व व भारत में संत कबीर के करोड़ों अनुयायी व भक्त हैं और आम जनता संत कबीर से बेहद प्यार करती हैं। कबीर के सम्मान में 2016 से देश के आठ राज्यों में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था। जिसे 2018 में प्रधानमंत्री व रेलमंत्री को मंडुवाडीह स्टेशन का नाम कबीरधाम मंडुवाडीह स्टेशन के नाम से जाना जाए, इसका पत्रक भेजा गया था।