शंभूपुर हत्याकांड के बाद परिवार में सात बच्चियां और महिलाएं रह गई हैं। परिवार में अब कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा है। बबिता की मां के अनुसार, अरविंद के ऊपर सुनील की आत्मा सवार हो जाती थी। घटना में हत्यारोपी की 10 वर्षीय बेटी की बांह में गोली लगी है। उसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है।
अरविंद की सनक ने अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। हत्या के बाद अरविंद मुठभेड़ में मारा गया। बेटे की भी मौत हो गई। बड़े भाई सुनील सिंह की पहले ही हत्या हो चुकी है। अब परिवार में सात बच्चियां और महिलाएं ही बची हैं। इनमें अरविंद की दो बेटियां भी शामिल हैं। परिवार में कोई पुरुष नहीं बचा है। परिवार में दिवंगत सुनील की पत्नी और उनकी तीन बेटियां, अरविंद की दो बेटियां और मां ही हैं। अरविंद के पिता का निधन पहले ही हो चुका था। अब बच्चों और परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी सुनील की पत्नी व उसकी सास पर आ गई है।
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शंभूपुर गांव में घर के बाहर विलाप करतीं महिलाएं।
- फोटो : संवाद
एसओजी के साथ 10 थानों की पुलिस पीएसी बुलाई गई: पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त फोर्स बुलाई थी। एसओजी के साथ करीब 10 थानों की पुलिस और पीएसी भी मौके पर पहुंच गई। घर को चारों ओर से घेर लिया गया। अधिकारियों के पहुंचने के बाद एसपी ने जानकारी दी कि एसडीएम मौके पर आ गए हैं। उन्होंने उसे भरोसा दिलाया कि डरने की जरूरत नहीं है। उसकी जो भी मांग है, उसे सुना जाएगा।
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अरविंद के घर के बाहर गमगीन माहाैल।
- फोटो : संवाद
लाइसेंसी पिस्टल से पत्नी-बेटे और दो पुजारियों की हत्या का आरोपी मुठभेड़ में ढेर
अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में लाइसेंसी पिस्टल से गोलियां मार कर पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या का आरोपी अरविंद सिंह (42) मंगलवार की देर रात मुठभेड़ में ढेर हो गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने तीन बच्चों को बंधक बनाकर घर में ही करीब आठ घंटे तक बैठा था। पुलिस ने बचाव अभियान शुरू किया तो फायरिंग करने लगा। जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
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घर के बाहर पुलिस।
- फोटो : संवाद
मरने से पहले आरोपी ने सात साल के बेटे शौर्य की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं, हत्यारोपी की मां श्याम बली देवी और बहन साधना ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शाैर्य की माैत पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के दाैरान हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। हालांकि, एसपी डाॅ अनिल कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
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एक साथ जलीं चिताएं।
- फोटो : संवाद
शंभूपुर गांव में मंगलवार की शाम पांच बजे दिवंगत भाई सुनील सिंह की आत्मा की शांति के लिए पूजा कराने से नाराज अरविंद सिंह ने लाइसेंसी पिस्टल से पत्नी बबिता सिंह (45), बेटे शाैर्य सिंह उर्फ लक्खा (7), पुजारियों महेंद्र पाठक (42) और अखिलेश मिश्रा (55) की हत्या कर दी थी।
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आरोपी अरविंद की मां और बहन व मौके पर मौजूद पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने अपने ही तीनों बच्चों को बंधक बना लिया और लाइसेंसी पिस्टल के साथ में ही बैठा रहा। धमकी देता रहा कि बच्चों को भी मार देगा। बच्चों को छुड़ाने के लिए पुलिस ने मंगलवार की देर रात ऑपरेशन चलाया तो आरोपी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हत्यारोपी अरविंद भी मारा गया। पुलिस के मुताबिक, बेटे शाैर्य सिंह की माैत आरोपी की गोली से हुई।
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आरोपी अरविंद की मां व बहन।
- फोटो : अमर उजाला
शंभूपुर गांव में मंगलवार को सुनील सिंह की आत्मा की शांति के लिए पूजा रखी गई थी। सुनील की हत्या 2019 में चचेरे भाइयों मनीष सिंह और अवनीश सिंह ने की थी। सुनील महाराष्ट्र में रहता था। वह शिवसेना प्रमुख बाला साहब ठाकरे का जनसंपर्क अधिकारी था। आरोप है कि हत्यारोपी अरविंद से पूजा के खिलाफ था। उसने मां, पत्नी के साथ ही पुजारियों को धमकाया था।
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आरोपी अरविंद सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
कहा था कि पूजा हुई तो गंभीर परिणाम सामने आएंगे। इसके बावजूद परिजनों ने पूजा कराई। इससे नाराज होकर ही अरविंद ने लाइसेंसी पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस के मुताबिक, अरविंद की गोली ने चार लोगों की माैत हुई है। वारदात में हत्यारोपी की 10 साल की बेटी की बांह में गोली लगी है। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। खतरे से बाहर है।
जिला अस्पताल में भर्ती परी का वीडियो सामने आया
जिला अस्पताल में भर्ती हत्यारोपी की 10 साल की बेटी परी एक वीडियो भी सामने आया है। परी के बांह में गोली लगी है। वीडियो में परी कह रही है कि पिता अरविंद सिंह ने पहले मां बबिता सिंह को गोली मारी। इसके बाद घर में मौजूद पुजारियों को निशाना बनाया। पिता ने ही भाई शौर्य को गोली मारी है।
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वारदात के बारे में लोगों को बताता पंडितों के साथ आया युवक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रेत बाधा दूर करने के लिए हो रहा था अनुष्ठान : एसपी
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी के घर में प्रेत बाधा दूर करने के लिए अनुष्ठान कराया जा रहा था। आरोपी की पत्नी और मां को लगता था कि अरविंद पर प्रेत का साया है। अरविंद सिंह के बड़े भाई की हत्या हुई थी। इससे अरविंद तनाव में रहता था। उसकी पत्नी पूजा कराना चाह रही थी जिसका वह विरोध कर रहा था।
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मौके पर कमरा खुलवाने का प्रयास करती पुलिस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्यारोपी की मां ने बहू का शव लेने से किया इन्कार
वारदात के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद बबिता का शव साैंपा जाने लगा तो हत्यारोपी की मां ने अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही बबिता की मां भी अस्पताल पहुंच गई। दोनों समधन बैठी थीं, लेकिन आपस में बात नहीं हुई। बबिता के शरीर पर जो गहने थे, वे मायके पक्ष के पास थे। उसे वे अरविंद की मां को दिखा रहे थे। इसके बावजूद शव ले जाने से इन्कार कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर बुधवार को भीड़ रही। पुलिस भी तैनात रही। बबिता की मां भी कुछ महिलाओं के साथ पहुंची थी। दोपहर में लगभग एक बजे के करीब मृतक अरविंद की मां को लेकर पुलिस पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। साथ ही उसकी बहन और भाभी भी मौजूद थीं।
बबिता की मां बोली- अरविंद अच्छा था, सुनील ने कराई वारदात
मृत बबिता सिंह की मां आशा सिंह ने बताया कि मंगलवार की शाम छह बजे वारदात की जानकारी हुई थी। आज अरविंद की मां कह रही हैं कि मेरी बेटी की मिट्टी उनके घर नहीं आनी चाहिए इसलिए यहां आई और पुलिस से अपनी शिकायत दर्ज कराई। अरविंद बहुत अच्छा था, उसके ऊपर कभी-कभी सुनील सवार हो जाता था। अरविंद की मां और मेरी बेटी ने इसके लिए पूजा रखी थी। अरविंद भी इसमें शामिल था। ऐसा लगता है कि पूजा के समय सुनील अरविंद पर सवार हो गया और उसने यह घटना की है। यह लोग हमारी बेटी पर तरह-तरह के इल्जाम लगाते थे।
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मौके पर मौजूद पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
शंभूपुर में पसरा सन्नाटा, अरविंद का घर पुलिस ने किया सील
अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार की देर रात पांच लोगों की माैत के बाद बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस की कड़ी निगरानी और सायरन की आवाज के बीच वारदात वाले घर को सील कर दिया गया।
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आरोपी अरविंद और पत्नी बबीता की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार की रात ही शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया लेकिन अफसर भोर में पांच बजे तक जमे रहे। लगभग आठ घंटे तक बच्चों को बचाने के लिए चले ऑपरेशन के बाद दो बच्चियों को तो बचा लिया गया लेकिन, गोली लगने से हत्यारोपी के बेटे शौर्य सिंह की माैत हो गई।
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आजमगढ़ हत्याकांड के बाद मौके पर मौजूद पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
पुजारियों के शव घर पहुंचे तो मचा कोहराम
अरविंद के घर पुजारियों पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद उनके शव जब घर पहुंचे तो परिजन रोने लगे। मृतक महेंद्र पाठक इब्राहिमपुर पटखौली के निवासी थे। पटखाैली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। क्षेत्राधिकारी कौस्तुभ त्रिपाठी और थानाध्यक्ष जहानागंज अमित मिश्रा पुलिसकर्मियों के साथ तैनात रहे। महेंद्र पाठक का एक बेटा और दो बेटियां हैं। सबके विवाह हो चुके हैं। बेटा चंदन प्राइवेट नौकरी करता है। सूचना मिलने पर दोपहर में घर पहुंच गया। परिजनों के लिए महेंद्र पाठक पूजा-पाठ से होने वाली आय का एकमात्र साधन थे। उनका अंतिम संस्कार दुर्वासा धाम में किया गया।
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आजमगढ़ में घटना के बाद मौके पर पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
किसी तरह से बच सका अखिलेश मिश्रा का बेटा
पंडित अखिलेश मिश्रा छतौना गांव के निवासी थे। वह भी पूजा-पाठ से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे दो पुत्रों के पिता थे। उनका बड़ा बेटा मृत्युंजय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। दूसरा बेटा हिमांशु मिश्रा वारदात के समय उनके साथ मौजूद था। किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकला। अखिलेश मिश्रा का अंतिम संस्कार कम्हरिया घाट पर किया गया।
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आजमगढ़ में घटना के बाद मौके पर पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा नेता भी पहुंचे शंभूपुर
बुधवार की सुबह 11 बजे लालगंज के भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद राजभर और आजमगढ़ के जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह सहित अन्य नेता शंभूपुर गांव पहुंचे। इसके बाद वे पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा के परिवारों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। उनकी पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी भी ली। इसके बाद वे अरविंद की मां और बहन से भी मिले। जिलाध्यक्ष विनोद राजभर ने बताया कि उन्होंने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को मामले की जानकारी दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि हर संभव सहयोग किया जाएगा। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात होनी है। पीड़ितों के सहयोग और सरकारी सुविधाओं के लिए बात की जाएगी।
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मामले की जानकारी देता मृतक पंडित का बेटा।
- फोटो : अमर उजाला
अरविंद पर भूत-प्रेत का साया बताकर चार पंडित कर रहे थे अनुष्ठान
शंभूपुर गांव में अरविंद कुमार के घर मंगलवार को जिस अनुष्ठान के बीच गोली मारकर हत्या की गई उसके पीछे परिवार की ओर से बताई गई वजह भूत-प्रेत की बाधा थी। परिजनों के अनुसार अरविंद की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी इसलिए पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान कराया जा रहा था। अनुष्ठान में चार पुजारी शामिल थे। मंगलवार को अनुष्ठान का चौथा दिन था। इसी दौरान अरविंद घर पहुंचा और पुजारियों से सवाल-जवाब करने लगा। गुस्से में आकर अपनी पत्नी बबीता सिंह, अनुष्ठान करा रहे अखिलेश मिश्रा और महेंद्र पाठक की गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में बेटे शाैर्य की भी गोली लगने से माैत हो गई। देर रात पुलिस के साथ मुठभेड़ में आरोपी अरविंद सिंह भी मारा गया।
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तीनों मृतकों की फाइल फोटो।
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प्रत्यक्षदर्शी हिमांशु मिश्रा ने पुलिस से बताई हकीकत
वारदात के वक्त घर में अरविंद की पत्नी, बच्चे और पुजारी मौजूद थे। अरविंद ने घर पहुंचते ही पुजारियों से पूछा कि वे उसके घर में क्यों आए हैं। पुजारियों ने बताया कि परिवार के लोगों ने ही उन्हें पूजा के लिए बुलाया है। इसके बाद अरविंद उनसे आधार कार्ड मांगने लगा। वारदात में मृत अखिलेश मिश्रा के बेटे हिमांशु मिश्रा ने पुलिस को बताया कि इसी बात के लिए कहासुनी हुई और देखते ही देखते उसने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। गोली चलते ही घर में भगदड़ मच गई। मैं भी पूजा कराने गया था। किसी तरह से जान बचाकर भाग सका।
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अस्पताल में बबीता सिंह की मां।
- फोटो : संवाद
अरविंद अपने तीन बच्चों और लाइसेंसी हथियार के साथ कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने कई घंटे तक उसे समझाया। परिजनों की मदद से आत्मसमर्पण करने के लिए मनाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। देर रात अरविंद ने पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो उसे भी गोली लग गई। पुलिस के कमरे में प्रवेश करने से पहले ही अरविंद के सात साल के बेटे शौर्य को गोली मार दी थी। पुलिस ने परी और छह माह की बेटी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
माैके पर जांच करती पुलिस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह की पत्नी बबीता, और मां समला (70) घर पर पांच दिवसीय महामृत्युंजय जाप करा रहे थे जिसका अरविंद विरोध कर रहा था।
मंगलवार को घर में पटखौली गांव निवासी पंडित महेंद्र पाठक (42), छितौना भटौली गांव निवासी पं. अखिलेश मिश्रा (55) व उनके पुत्र पं. हिमांशु मिश्रा और एक अन्य पंडित, पत्नी बबिता सिंह (40), मां समला देवी (70) और बेटी परी (10), बेटा शौर्य (9) और छह माह की बेटी मौजूद थे।
शाम करीब छह बजे महामृत्युंजय जाप होने के बाद आरती की तैयारी चल रही थी तभी अरविंद पहुंचा और विवाद करने लगा।
गुस्से में रिवॉल्वर निकाली और पहले पत्नी बबिता के सिर पर गोली मार दी। पत्नी के जमीन पर गिरते ही पंडित भागने लगे।
पंडित महेंद्र पाठक उठकर पूजा स्थल से 5 कदम दूर ही भाग पाए थे कि अरविंद ने दौड़कर दूसरी गोली उनके सिर में मार दी।
पंडित अखिलेश मिश्रा और उनका बेटा हिमांशु घर के मेन गेट पर पहुंच गए और उसे खोलने लगे। तभी पीछे से अरविंद चिल्लाते हुए दौड़ता आया इसके बाद तीसरी गोली उनके सिर पर मारी। वह वहीं गिर गए।
हिमांशु घर की दीवार से कूदकर बाहर भाग गया, जबकि उसके पिता अखिलेश मिश्रा अंदर ही रह गए।
तीन हत्याएं करने के बाद अरविंद ने अपने तीनों बच्चों के साथ खुद को घर के एक कमरे में बंद कर लिया।
शाम करीब 7 बजे पड़ोसियों की सूचना पर अहरौला थाना प्रभारी रामकिशोर शर्मा और डायल 112 की टीम पहुंची तो आरोपी ने बोला कप्तान को बुलाओ।
करीब आठ बजे पुलिस कप्तान डॉ. अनिल कुमार और एसपी ग्रामीण चिराग जैन पहुंचे।
रात नौ बजे पुलिस ने अरविंद की बहन साधना को बुलाया।
रात 9.30 बजे एसपी ने एसओजी और 10 थानों की फोर्स बुलाई। साथ ही एसडीएम और तहसीलदार भी पहुंचे।
रात करीब 11.30 बजे एडीजी नवीन अरोरा घटनास्थल पहुंचे।
रात 12 बजे अरविंद ने खिड़की से कहा एसपी साहब मेरे बच्चों को भूख लगी है। बेटी रो रही है। उनके लिए गांव की दुकान से चॉकलेट मंगवा दो। एसपी ने 500 रुपये की बच्चों के लिए चॉकलेट मंगवाई।
रात करीब 12.30 बजे वाराणसी से एटीएस के 25 कमांडो पहुंचे।
रात करीब एक बजे अंदर से गोली चलने की आवाज आई।
गोली की आवाज सुनकर एटीएस और एसओजी अलर्ट हो गई। टीम ने स्टेन ग्रेनेड और टियर गैस घर के अंदर छोड़ दी। फिर करीब 20 जवान और कप्तान अंदर घुसे और कमरे का दरवाजा तोड़ दिया।
पुलिस के अंदर घुसते ही अरविंद ने चेतावनी देते हुए पुलिस पर छह राउंड गोलियां चलाई।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो अरविंद को भी गोली लगी और वह घायल हो गया।
पुलिस घायल अवस्था में अरविंद और उसके बेटे को जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां 3.30 बजे डॉक्टरों ने अरविंद और उसके बेटे को मृत घोषित कर दिया।
दोनों बेटियों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।