लकड़ी के धनुष से छूटा तीर अपने टारगेट पर 98 फीसदी से ज्यादा सटीकता के साथ निशाने पर लगा। खिलाड़ियों के हर राउंड की निशानेबाजी पर दर्शकों की तालियां रुकने का नाम नहीं ले रहीं थीं। जोश भरी तीरंदाजी ने आए मेहमानों और अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। इसी के साथ मैदान पर काशी से ही ओलिपिक 2032 और 2036 के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने की चर्चाएं हैं। ये दृश्य 69वीं अंडर-14 राष्ट्रीय विद्यालयीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में दिखा। इस प्रतियोगिता की शुरुआत बुधवार को हुई, जिसका समापन आज यानी 21 नवंबर को होगा। तस्वीरों में देखें- प्रतिभागियों की प्रतिभा...