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काशी में विक्रमादित्य का महानाट्य: 3 मंच, 18 घोड़े, 2 रथ...होगा सजीव चित्रण; CM मोहन अर्पित करेंगे वैदिक घड़ी

Fri, 03 Apr 2026 05:50 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: सम्राट विक्रमादित्य के दरबार के नवरत्न कालिदास, वराहमिहिर सहित अन्य विद्वानों की विद्वता का भी सजीव चित्रण होगा। बाएं मंच पर महाकाल मंदिर की भव्य संरचना और 8 फीट के शिवलिंग पर दिव्य भस्म आरती का दृश्य मुख्य आकर्षण होगा।
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सम्राट विक्रमादित्य के महानाट्य की तैयारी करते युवा। - फोटो : संवाद
Samrat Vikramaditya Grand Spectacle: बरेका में शुक्रवार से शुरू हो रहे सम्राट विक्रमादित्य के महानाट्य में 200 से अधिक कलाकार हाथी, घोड़े, रथ और पालकियों के साथ उपस्थित होंगे। इसमें भव्य युद्ध, लाइट शो, आतिशबाजी, नृत्य और बाबा महाकाल की भस्म आरती की दिव्य झलकियां शामिल होंगी। तीन भव्य मंचों पर 18 घोड़े, 2 रथ, 4 ऊंट, 1 पालकी और 1 हाथी के साथ जीवंत प्रदर्शन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य अतिथि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और एमपी के सीएम मोहन यादव महानाट्य का शुभारंभ करेंगे।

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महानाट्य का होगा सजीव चित्रण। - फोटो : संवाद
केंद्र में 80×62 का मुख्य मंच और दोनों ओर 42×42 के लेफ्ट और राइट मंच तैयार किए गए हैं। इन मंचों पर सिंहासन बत्तीसी, बेताल पच्चीसी और भविष्य पुराण के प्रसंगों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के अद्वितीय व्यक्तित्व, सुशासन और न्यायप्रियता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। 
 
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बाबा महाकाल की भस्म आरती की दिव्य झलकियां शामिल होंगी। - फोटो : संवाद
महानाट्य को और अधिक जीवंत बनाने के लिए 18 घोड़े, 2 रथ, 4 ऊंट, 1 पालकी और 1 हाथी के साथ भव्य प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। मंचीय प्रभाव को सशक्त बनाने के लिए अत्याधुनिक ग्राफिक्स, 400 से अधिक लाइट्स, 80×32 की एलईडी स्क्रीन और दो बार भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा, जो दर्शकों को एक अद्वितीय और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा। 10 से 15 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

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बाबा विश्वनाथ को अर्पित करेंगे विक्रमादित्य वैदिक घड़ी। - फोटो : संवाद
बाबा विश्वनाथ को अर्पित करेंगे विक्रमादित्य वैदिक घड़ी
महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को यह घड़ी अर्पित करेंगे। भारत में भारतीय काल गणना पर आधारित यह पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी है, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2024 में किया था। 
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बनाया गया अद्भुत मंच। - फोटो : संवाद
यह घड़ी वैदिक काल गणना के समस्त घटकों के आधार पर बनाई गई है। यह सूर्योदय से काम करती है, इसलिए जिस स्थान पर सूर्योदय का समय होगा, उस स्थान की काल गणना उसी के अनुसार होगी। इस घड़ी के माध्यम से वैदिक समय, लोकेशन, भारतीय स्टैंडर्ड टाइम, भारतीय पंचांग, विक्रम संवत मास, ग्रह स्थिति, भद्रा स्थिति और चंद्र स्थिति आदि की जानकारी उपलब्ध है।
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दर्शकों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था। - फोटो : संवाद
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की विशेषताएं
  • समय का वैज्ञानिक और सटीक विभाजन: एक दिन 30 मुहूर्त, दो सूर्योदय के बीच 30 मुहूर्त (घंटे), 30 काल (मिनट), 30 काष्ठा (सेकंड)
  • मुहूर्त: एक दिन में 30 मुहूर्त होते हैं, प्रत्येक की अवधि लगभग 48 मिनट
  • कला: एक दिन में 900 कला होती हैं (30×30), प्रत्येक की अवधि लगभग 96 सेकंड
  • काष्ठा: एक दिन में 27,000 काष्ठा होती हैं (30×30×30), प्रत्येक की अवधि लगभग 3.2 सेकंड
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काशी में विक्रमादित्य का महानाट्य। - फोटो : संवाद
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी एप की विशेषताएं
  • वास्तविक वैदिक समय प्रणाली: 30 घंटे का दिन
  • पंचांग और विक्रम संवत कैलेंडर: 5800 वर्षों तक उपलब्ध
  • मुहूर्त अलार्म: प्रत्येक मुहूर्त के शुभ-अशुभ संकेत और अलार्म सेटिंग
  • स्थान और मौसम: आपके शहर का लाइव तापमान, हवा, आर्द्रता
  • भाषा: 180 भाषाओं में उपलब्ध
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