उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में 31 अक्तूबर की देर रात कारसवार हीरा व्यवसायी को गोली मारकर एक करोड़ 70 लाख के आभूषण लूटने के मामले का पुलिस ने शुक्रवार की शाम खुलासा कर दिया। करीब 30 घंटे तक पूछताछ के बाद पुलिस ने शुक्रवार की शाम को पीड़ित व्यवसायी को उसके घर पहुंचा दिया। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : अमर उजाला
जौनपुर पुलिस का दावा है कि व्यवसायी को गोली मारी गई, लेकिन लूट नहीं हुई है। पुलिस ने लूट की धारा को प्राणघातक हमले में तब्दील कर दिया। पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल सिंह ने बताया कि सुल्तानपुर गांव निवासी नागेश दुबे ने गुरुवार को बक्शा थाने में तहरीर दी थी।
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अस्पताल में भर्ती हीरा व्यापारी
- फोटो : अमर उजाला
इसमें बताया गया था कि बुधवार की रात वह वाराणसी व जौनपुर में आभूषण की सप्लाई करने के बाद घर जा रहे थे। आरोप है कि रात में साढ़े 10 बजे बसारतपुर गांव के पास बाइक सवार दो लोगों उनकी कार में टक्कर मारी तो उन्होंने कार रोक दी। इसके बाद बाइक सवार दोनों उनकी बाईं तरफ आए और कार का शीशा तोड़कर गोली मार दी और 1.70 करोड़ का आभूषण लूटकर फरार हो गए।
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UP Police
एसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने कार में बाइक से टक्कर मारी तो उन्होंने कार रोक दी। फिर बाइक सवार बदमाशों ने कार की बायीं तरफ का शीशा तोड़ दिया। नागेश ने इसका विरोध किया तो उन्हें गोली मार दी। वाहन से कोई जेवरात नहीं लूटा गया। पीड़ित ने दबाव बनाने के लिए गोली मारने के साथ लूट की भी सूचना दे दी।
पुलिस ने लूट के मुकदमे को प्राणघातक हमले में तब्दील कर दिया है। नागेश दुबे ने भी इस बात को स्वीकार किया। लूट की झूठी सूचना पर हीरा व्यवसायी पर कार्रवाई के सवाल पर एसपी ने कहा कि अभी विवेचना चल रही है। जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे, उसी हिसाब से धाराएं बढ़ती जाएंगी।