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तस्वीरें: काशी में पालकी पर निकला शिव परिवार, बाबा दरबार तक बिछी गुलाल व गुलाब की चादर

Wed, 24 Mar 2021 09:53 PM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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रंगभरी एकादशी पर काशी की गलियों में सपरिवार निकले बाबा विश्वनाथ। - फोटो : अमर उजाला
काशीपुराधिपति सपरिवार बुधवार को काशी की गलियों में निकले तो स्वागत में धरती से लेकर आसमान तक गुलाल और गुलाब की चादर बिछ गई। हर-हर महादेव का जयकारा लगाते भक्तों की कतार बाबा के दर्शन को आतुर खड़ी थी। पालकी जिधर से गुजरी होलियाना हुड़दंग नजर आया। बाबा के भाल पर पहला गुलाल सजाकर काशीवासियों ने होली के हुड़दंग की अनुमति ली। आगे की स्लाइड पर क्लिक कर देखें तस्वीर...
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रंगभरी एकादशी पर काशी की गलियों में होली का जश्न। - फोटो : अमर उजाला
रंगभरी एकादशी पर देर शाम काशीपुराधिपति सपरिवार रजत पालकी पर सवार होकर निकले। बाबा के राजसी स्वरूप के दर्शन के लिए भक्तों का रेला ऐसा उमड़ा कि गलियों में जाम लग गया। जमीन से लेकर आसमान तक बस लाल-लाल ही नजर आ रहा था। बाबा से लेकर भक्त तक सभी लाल रंग में रंगे थे। बाबा के राजसी स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर में भक्तों की कतार लगी है।
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महंत आवास से सपरिवार बाबा विश्वनाथ की निकाली पालकी यात्रा। - फोटो : अमर उजाला
पूरा गर्भगृह परिसर भी गुलाब और गुलाल की लाल आभा से दमक रहा है। भगवान भास्कर की लालिमा के साथ ही शिव-शक्ति को पंचगव्य से स्नान कराकर षोडशोपचार विधि से पूजन किया गया। अनुष्ठानों का दौर शुरू हुआ तो बाबा दरबार हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। सुबह सात बजे गौना के लोकाचार आरंभ हो गया। इसके बाद बाबा का शृंगार किया गया।

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काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में हुआ बाबा का सत्कार। - फोटो : अमर उजाला
महंत परिवार की महिलाएं गीत गाते हुए श्रीकाशी विश्वनाथ दरबार पहुंचीं और बाबा की आंखों में लगाने के लिए मंदिर के खप्पड़ से काजल लिया। गौरा के माथे पर सजाने के लिए परंपरानुसार सिंदूर माता अन्नपूर्णा मंदिर के मुख्य विग्रह से लाया गया। शिव-पार्वती के विग्रह को महंत आवास के भूतल स्थित हाल में विराजमान कराया गया और भोग अर्पित किया गया। महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने विधि विधान से मंत्रों के बीच महाआरती की। गौरा की अंगनाई मंगल गीतों से गूंज उठी।
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काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र में रंगभरी एकादशी पर होली का जश्न। - फोटो : अमर उजाला
बाबा की पालकी के दर्शन और छू लेने की ललक लिए लोग गलियों में कतारबद्ध खड़े रहे। महंत आवास पर बाबा के राजसी स्वरूप का दर्शन करने के बाद अगवानी के लिए हाथ में गुलाल और गुलाब लेकर कतारबद्ध खड़े हो गए। जैसे-जैसे पालकी उठने की मंगल बेला नजदीक आती रही भक्त भी हर-हर महादेव के जयघोष से बाबा के अभिवादन के लिए खुद को तैयार करते रहे।
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