वर्षों पुराना पेड़ जड़ से उखड़ गया।
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ग्रामीण इलाकों में स्थिति अधिक गंभीर रही, जहां बिजली बहाल होने में लंबा समय लगा। विद्युत विभाग की टीमें पेड़ों को हटाने और बिजली बहाल करने में जुटी रहीं। शहर क्षेत्र में आठ जगह पेड़ गिरने से लगभग 6 खंभे टूटकर गिरने से सप्लाई व्यवस्था चरमरा गई। शहर के जीजीआईसी के सामने, परमंदापुर, जीराबस्ती, माल्देपुर समेत अन्य जगहों पर पेड़ उखड़ गए।
कलेक्ट्रेट के गेट नंबर दो से जाने वाले मार्ग पर पेड़ की डाली गिरने से लोगों को काफी परेशानी हुई। इस दौरान 30.5 मिमी (मिलीमीटर) बारिश दर्ज किया गया। विद्युत कटौती का असर आम जनता संग कल कारखानों पर भी पड़ा। पानी तक का संकट खड़ा हो गया था। हालांकि शहर क्षेत्र के कुछ इलाकों में विद्युत सप्लाई बहाल कर दी गई थी।
रतसर कस्बे के भगवती देवी इंटर कॉलेज, नूरपुर मोड़ और झिगुरी चट्टी सहित कई स्थानों पर पेड़ और विद्युत पोल गिरने से बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है। शनिवार को पूरे दिन बिजली बहाली के लिए संबंधित विद्युतकर्मी स्थानीय लोगों के सहयोग से सड़क पर गिरे पेड़ों तथा विद्युत पोल को हटाने के कार्य में जुटे रहे। विद्युत उपकेंद्र के एसएसओ राजेंद्र ने बताया कि भारी बारिश के चलते मुख्य लाइन सहित कुछ अन्य स्थानों पर विद्युत खंभे गिर गए हैं।