पिछले एक पखवारे से लगातार हो रही बारिश से पूर्वांचल में नदियां उफनाने लगी हैं। पानी के दबाव में कई जिलों में नहर का पानी तटबंध तोड़ कर गांवों में घुस गया। इससे लगभग दो हजार एकड़ की फसल पानी में डूब गई। गुरुवार को भदोही में घटाव मिर्जापुर में स्थिर रहने वाली गंगा वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में बढ़ाव पर रही। आघे की स्लाइड्स में देखें....
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मिर्जापुर जिले में बुधवार सुबह से शुरू बारिश 13 घंटे बाद बंद हुई। इससे नगर के निचले इलाकों में पानी भर गया। उधर, पानी के दबाव में कई जिलों में नहर का पानी तटबंध तोड़ कर गांवों में घुस गया। इससे लगभग दो हजार एकड़ की फसल पानी में डूब गई। गुरुवार को भदोही में घटाव मिर्जापुर में स्थिर रहने वाली गंगा वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में बढ़ाव पर रही। इसी तरह जौनपुर में गोमती और मऊ में घाघरा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई जबकि आजमगढ़ और बलिया में इसमें गिरावट दर्ज की गई किंतु कटान तेज रही।
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सोनभद्र में राबर्ट्सगंज ब्लाक के मारकुंडी और महुआंव कला गांव की सीमा पर स्थित बलुई बंधी दोपहर दो बजे टूट गई। इससे 80 हेक्टेअर फसल डूब गई। आसपास के पांच गांव पानी से घिर गए। एनडीआरएफ की टीम संग डीएम, एसपी समेत प्रशासनिक अधिकारी देर शाम तक मौके पर डटे रहे।
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भदोही में ज्ञानपुर नहर में गांधी गांव से निकले माइनर का फाटक टूटने से चार गांवों के डेढ़ हजार एकड़ से अधिक खेत जलमग्न हो गए। आसपास के गांव में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। बलिया में गड़वार के जनऊपुर गांव के सामने रतसर- सुखपुरा माइनर के टूटने से 100 एकड़ से ज्यादा धान की फसल डूब गई है। आजमगढ़ के सेमरी गांव में नौ और घर घाघरा में समाहित हो गए।
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ऊर्जांचल में दो दिनों से हो रही झमाझम बरसात ने सावन का एहसास कराना लोगों को शुरू कर दिया है। बरसात से जहां लोगों का जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया वहीं किसान बरसात से खुश नजर आ रहे है। धान की रोपाई भी शुरू कर दी गई है।
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बुधवार की भोर से शुरू हुई बरसात गुरुवार की देर सायं तक जारी रही। दो दिन से लगातार हो रही बरसात से जहां लोग घरों में कैद होकर रह गए, वहीं गुरुवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार भी बरसात से प्रभावित नजर आया। स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी कम रही। बरसात की वजह से लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकले। लगातार बरसात से छतों भी टपकने लगी है। लोग मौसम खुलने का इंतजार कर रहे है। निचले इकालों में जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
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नगवां ब्लॉक का एकमात्र पशु अस्पताल बारिश का पानी भरने से बंद हो गया है। पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते अस्पताल परिसर में पानी भर गया है। इसके साथ डॉक्टर आदि के कमरे भी उसकी जद में आ गए हैं। इससे पशुपालकों के साथ ही डॉक्टर और अन्य स्टाफ को आने-जाने में परेशानी हो रही है। अस्पताल बंद होने से पशु पालक पशुओं का उपचार झोलाछाप चिकित्सकों के यहां कराने के लिए विवश हैं। यहां तैनात कमचारी दिन भर बा