घाट किनारे सजाए जा रहे दीपक
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पिछले कुछ समय से देश में अलग ट्रेंड चल रहा है। बीते कुछ समय से हम देख रहे हैं कि विरोध का आधार भ्रम फैलाकर किसानों और आम जनता को गुमराह किया जा रहा है। जो अभी हुआ ही नहीं, जो कभी होगा ही नहीं उसे लेकर समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है। ये वही लोग हैं जिन्होंने किसानों के साथ लगातार दशकों तक छल किया है।
कहा कि पहले यूरिया के नाम पर छल, वोट के लिए वादा फिर छल लंबे समय तक हुआ। जब इतिहास छल का रहा हो, तो उसके पीछे दशकों का लंबा छल का इतिहास है। भ्रम फैलाना किसानों के अहित करने वालों की आदत है।