कोई महिला अगर पहली बार किसी प्रधानमंत्री से मिले तो उसका हावभाव क्या होगा, क्या कभी सोचा है आपने? प्रधानमंत्री अगर इन महिलाओं को कन्हैया की मां कहकर संबोधित करें तो कैसा होगा। यह कोई कल्पना नहीं है बल्कि सच है जो सोमवार को वाराणसी में साबित हुआ। अपना जन्मदिन मनाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम वाराणसी पहुंचे तो यह नजारा जीवंत हुआ। आगे की स्लाइढ्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
पहली बार किसी प्रधानमंत्री से मिली। उन्होंने हमें माता यशोदा का दर्जा दिया और कन्हैया की मां कहकर संबोधित किया। हमारा जीवन धन्य हो गया। यह कहना था सोमवार को डीरेका मैदान के हेलीपैड पर प्रधानमंत्री का स्वागत करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा बहुओं का। पीएम मोदी से बातचीत और उनके संबोधन से सभी महिलाएं भावुक नजर आईं।
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काशी की धरती पर पांव रखते ही उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा बहुएं ने जन्मदिन की बधाई दी। हेलीपैड पर उतरते ही पहली कतार में खड़ी महिलाओं ने गुब्बारे छोड़े तो वहीं दूसरी कतार में खड़ी सहायिकाओं और आशा बहुओं ने, जन्मदिन की शुभकामना लिखी तख्तियों को उठाकर पीएम का अभिवादन किया।
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स्वागत से अभिभूत प्रधानमंत्री उनके पास गए और पूछा कि माता यशोदा ने तो एक कान्हा पाला था आप लोग कितने कान्हा पालती हैं। इसपर सभी ने एक स्वर में कहा कि 50 से 60 कान्हा पालते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप महान हैं। आप सभी कान्हा की मां यशोदा की तरह हैं।
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देश के प्रधानमंत्री के मुंह से यह शब्द सुनने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और आशा बहुएं भावविभोर हो उठीं। सभी ने हाथ जोड़कर पीएम का धन्यवाद दिया। सभी महिला कर्मचारी मानदेय बढ़ाने की प्रसन्नता व्यक्त करने और स्वागत के लिए यहां आई थीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 68वें जन्मदिन पर सोमवार देर रात श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। षोडषोपचार विधि से बाबा की पूजा के बाद उन्होंने मंदिर विस्तारीकरण की तैयारियों को भी देखा। इस दौरान बाहर निकलने पर मौजूद लोगों ने हर हर महादेव के जयघोष से उनका स्वागत किया। बच्चों संग जन्मदिन मनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी देर शाम वाराणसी पहुंचे और सबसे पहले उन्होंने नरउर प्राथमिक विद्यालय में रीड टू रूम को देखा और फिर बच्चों से बातचीत की।