वाराणसी में एटीएस द्वारा ढेर किए गए नक्सली कमांडर बृजेश गंझू ने माओवादी एरिया कमांडर का घर बम से उड़ाया था। इसके अलावा पुलिस गश्ती दल पर हमला कर हथियार लूटे थे। मनरेगा ठेकेदार को भी मौत के घाट उतारा था।
वाराणसी में मारे गए नक्सली कमांडर बृजेश गंझू को लेकर खुलासे हो रहे हैं। गंझू जघन्य वारदात के लिए कुख्यात था। बेखौफ होकर बम धमाके करता था। खौफ ऐसा था कि शाम ढलने के बाद पुलिस की टीम जंगलों में कांबिंग नहीं करती थी। जंगलों और पहाड़ों के बीच वह फरारी काटता और संगठन को विस्तार देता था।
9 मार्च 2012 को हंटरगंज के कुसमाही में माओवादी एरिया कमांडर धर्मेंद्र यादव के घर को बम उड़ा दिया था। पुलिस गश्ती दल पर हमला कर हथियार लूट लिए थे। एटीएस के मुताबिक, बृजेश गंझू ने लावालौंग-कोलकोले के बीच पुलिस गश्ती दल पर हमला कर हथियार लूटे थे। बीएमपी-16 के दो जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
- 2 फरवरी 2025 को टंडवा के लेम्बुआ जंगल के पास भुनेश्वर साहू की हत्या।
- 18 जुलाई 2018 को पत्थलगड्डा के मेरमगड़ा में मनरेगा ठेकेदार नागेश्वर गंझू की लेवी वसूली के लिए हत्या।
- 28 नवंबर 2017 को पीपरवार के करमाटांड़ में जेएमएमपी के प्रदीप महतो की गोली मारकर हत्या।
- 2 अप्रैल 2014 को कटकमसांडी के कुसुम्बा में बादल मुंडा और अशोक उरांव की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
- 7 नवंबर 2010 को वशिष्टनगर के धोबे गांव में ग्रामीण रघुनाथ यादव उर्फ बिहारी यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
बड़ा भाई रह चुका है विधायक, रद्द हो गई थी बृजेश की पंचायत समिति की सदस्यता
बृजेश गंझू का बड़ा भाई गणेश गंझू सिमरिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुका है। 2014 में वह जेवीएम के टिकट पर चुनाव जीता था। परिवार के दूसरे सदस्य भी गंवई राजनीति में सक्रिय रहे हैं। मगर, बृजेश गंझू से सभी ने दूरी बना रखी थी। परिजनों ने उसे आत्मसमर्पण करने की सलाह भी दी थी।
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
2015 के पंचायत चुनाव में बृजेश गंझू पंचायत समिति सदस्य (पंसस) के रुप में भी चुनाव जीता था। जीत के बाद एनआईए की टेरर फंडिंग की कार्रवाई के बाद उसकी पंचायत समिति की सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
यूपी में 30 लाख का इनामी नक्सली ढेर
यूपी एटीएस ने रविवार की अल सुबह चार बजे रामनगर लंका मैदान के पास झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के मुखिया बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता (45) को मुठभेड़ में मार गिराया। बृजेश पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। बृजेश के खिलाफ 44 मामले दर्ज थे।
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
नक्सली के पास से दो पिस्टल, एक कार्बाइन, भारी मात्रा में कारतूस और एक लाख नकदी बरामद हुई है। इस बीच उसका साथी बाइक से भाग निकला। मुठभेड़ में एटीएस वाराणसी यूनिट के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण के बुलेट प्रूफ जैकेट में दो गोली लगी थी लेकिन कोई नुकसान नहीं पहुंचा। एटीएस के मुताबिक, यूपी में पहली बार 30 लाख रुपये का इनामी नक्सली कमांडर मुठभेड़ में मारा गया है।
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
उधर, फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के सोहवन लुट्टू गांव निवासी बृजेश गंझू का झारखंड में 20 साल से आतंक था। डीजीपी ने एटीएस की टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार देने का एलान किया है।
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एटीएस को देखते ही बाइक पर पीछे बैठा बृजेश फायरिंग करने लगा।
- फोटो : एआई
एटीएस वाराणसी यूनिट के पुलिस उपाधीक्षक विपिन राय को सूचना मिली कि सोनभद्र-मिर्जापुर के रास्ते झारखंड का दुर्दांत नक्सली अपने साथियों के साथ वाराणसी सीमा में प्रवेश करने वाला है। इस सूचना के आधार पर एटीएस कमांडो के साथ डिप्टी एसपी ने रविवार की तड़के रामनगर थाना क्षेत्र में घेराबंदी शुरू कर दी।
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पुलिस व यूपी एटीएस के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
टेंगरा मोड़ से मुगलसराय जाने वाली सड़क पर रामनगर लंका मैदान के पास एक बाइक पर सवार दो युवकों को नजदीक आता देख एटीएस की टीम ने रुकने का इशारा किया। इस पर पीछे बैठे युवक ने फायरिंग शुरू कर दी। पिस्टल से निकली गोली डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण के बुलेट प्रूफ जैकेट में सीने के पास जा लगी। जवाबी फायरिंग में पीछे बैठा बाइक सवार बदमाश घायल हो गया।
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एटीएस को देखते ही बाइक पर पीछे बैठा बृजेश फायरिंग करने लगा।
- फोटो : एआई
बाइक चलाने वाला हाईवे की ओर भाग निकला। घायल को रामनगर राजकीय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मारे गए बदमाश की पहचान दुर्दांत नक्सली बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ सरदार, उर्फ तुषार, उर्फ रंजन, उर्फ फूलचंद उर्फ दुलारचंद के रूप में हुई है।
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एटीएस को देखते ही बाइक पर पीछे बैठा बृजेश फायरिंग करने लगा।
- फोटो : एआई
डिप्टी एसपी विपिन राय के अनुसार बृजेश गंझू के ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अपहरण समेत 44 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके पास से .32बोर के दो पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस, कार्बाइन, एक लाख नकदी बरामद हुई है।
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए।
- फोटो : एआई
नक्सली के सीने में लगी थीं दो गोलियां, छोटा भाई शव लेने पहुंचा
एटीएस के साथ मुठभेड़ में मारे गए नक्सली बृजेश गंझू के सीने में दो गोलियां लगी थीं। एक गोली दाएं और दूसरी बाएं तरफ सीने में लगी थी। डॉक्टरों की टीम ने रविवार की देररात ही शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस में उसके शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। एटीएस के मुताबिक, नक्सली के सीने में दो गोलियां लगी थीं। उसके छोटे भाई सुरेश कुमार को वाराणसी बुलाया गया है। उसकी मौजूदगी में ही पोस्टमार्टम कराया गया।