kashi vishwanath corridor
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वैसे तो शंकर भगवान का एक नाम ईशान भी है। वहीं मंदिर में बाबा विश्वनाथ स्वयं ईशान कोण में ही मां पार्वती के संग विराजमान हैं। इसलिए मंदिर का ईशान कोण से दर्शन करना काफी फलदाई माना गया है। ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र के अनुसार वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। इन दोनों दिशाओं के मिलन का कोण ही ईशान कहलाता है। इस कोण का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इस क्षेत्र में देवताओं के गुरु बृहस्पति और मोक्ष कारक केतु का भी वास होता है।
प्रधानमंत्री के आगमन से पहले मंदिर क्षेत्र में ध्वस्त किए भवनों का मलबा हटा दिया जाएगा। इससे कॉरिडोर साफ-सुथरा दिखेगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार 19 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) कॉरिडोर देखने आ सकते हैं। ऐसे में मलबा हटाने का काम तेज कर दिया है। साथ सड़कों के गड्ढे भर कर मरम्मत की जाएगी। एसडीएम विनोद सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मजदूरों की संख्या बढ़ाकर काम गति तेज करा दी गई है। इस क्षेत्र को साफ-सुथरा किया जा रहा है।