मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने कहा कि त्योहार किसी धर्म के नहीं बल्कि देश की संस्कृति के संदेशवाहक होते हैं। धर्म बदलने से संस्कृति कभी नहीं बदलती। हमारे पूर्वजों के खून में होली के रंगों की लालिमा है। राम और कृष्ण से ही डीएनए हमारा मिलता है। जब हमारे पूर्वजों ने होली के रंगों के साथ पीढ़ी दर पीढ़ी गुजारी तो कट्टरपंथियों के बहकावे में आकर जो लोग अपनी संस्कृति से दूर हो जाते हैं उन्हें वतन के लोगों की मोहब्बत कभी नहीं मिलती। हम तो भारतीय संस्कृति के अंग हैं। होली तो खूब मनाएंगे और नफरत फैलाने वालों की छाती पर होलीका जलाएंगे। कार्यक्रम में नजमा परवीन, खुशी रमन भारतवंशी, उजाला भारतवंशी, इली भारतवंशी, अर्चना भारतवंशी, डॉ. मृदुला जायसवाल, नगीना, शबीना, शबनम, हाजरा, तबस्सुम, नाजिया, साइना, नाजमा, शमशुननिशा, हदीसुन, नसीबुन, सोना, रानी, पूनम, सरोज, रमता आदि महिलाओं ने भाग लिया।