यूपी में आजमगढ़ के एक गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक संघर्ष हुआ। इस दौरान फायरिंग होने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी और बेटी गोली लगने से घायल हो गई। सही मायनों में देखा जाए तो पुलिस की लापरवाही से इतनी बड़ी वारदात हो गई। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
जिले के तरवां थाना क्षेत्र के अवनी गांव में रविवार की रात जमीनी विवाद में मनबढ़ों ने गोली मारकर अत्रेय सिंह (45) की हत्या कर दी। जबकि गोली लगने से पत्नी अनिता (40) और बेटी शिखा (16) घायल हो गई। इनका वाराणसी के बीएचयू में इलाज चल रहा है जहां हालत गंभीर बनी हुई है।
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- फोटो : amar ujala
पुलिस को मौके पर स्थिति गंभीर होने की पहले ही आशंका थी। इसी लिए वहां फोर्स की तैनाती की गई थी। रात को सिपाही के मौका छोड़ने पर एसपी ने कड़ा रुख अपनाया। सोमवार को मौके की जांच को पहुंचे एसपी रवि शंकर छवि ने एसआई सुरेशचंद्र और सिपाही अरुण यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच सीओ लालगंज को सौंपते हुए रिपोर्ट मांगी है। माना जा रहा कि जांच रिपोर्ट आने पर अन्य कई और पुलिसवालों पर गांज गिर सकती है।
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इसी दीवार के निर्माण को लेकर चली गोलियां
- फोटो : अमर उजाला
घटना के संबंध में अत्रेय के छोटे भाई मैत्रेय ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें पड़ोसी राजेश सिंह, उसके बेटे शनि सिंह, भागवत सिंह और उसके बेटे शोले और रौनक को आरोपित किया। पुलिस भागवत और शनि को गिरफ्तार कर ली। जबकि अन्य की तलाश में दबिश दे रही।
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- फोटो : अमर उजाला
तरवां थाना क्षेत्र के अवनी गांव निवासी अत्रेय सिंह का पड़ोसी राजेश सिंह से जमीन का विवाद चलता था। दो माह पूर्व दीवानी न्यायालय का फैसला अत्रेय के पक्ष में आया। रविवार को अत्रेय सिंह अपनी जमीन पर निर्माण कर रहे थे। जिसका राजेश आदि विरोध करते हुए थाने पर सूचना दी। पुलिस मैत्रेय सिंह और दूसरे पक्ष से भागवत सिंह को पकड़कर थाने लेकर चली गई। जहां इन दोनों को बैठा लिया गया।
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बिहारी कहने पर हत्या की
साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से दो सिपाहियों की ड्यूटी लगा दी गई। रात करीब नौ बजे यह दोनों सिपाही मौके से चले गए। सिपाहियों के जाने के बाद रात करीब 11 बजे राजेश आदि अत्रेय की तैयार दीवार को ढहाने लगे। जिसका अत्रेय ने विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों में नोंकझोंक होने लगी। तभी राजेश के पक्ष से गोली चला दी गई। जो गोली अत्रेय के सीने में लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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UP Police
जबकि गोली लगने से पत्नी अनीता और बेटी शिखा घायल हो गई। ताबड़तोड़ छह राउंड गोलियां चलने से गांव में हड़कंप मच गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते कि आरोपी फरार हो गए। उधर अत्रेय की हत्या होने की सूचना मिलने पर पुलिस रात को ही थाने पर बैठाए गए मैत्रेय और भागवत सिंह को छोड़ दी। घटना के बाद से ही गांव में तनाव बना हुआ है।
एसपी रविशंकर छवि का कहना है कि मृतक के भाई मैत्रेय की तहरीर के आधार पर पांच लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। लापरवाही पाए जाने पर चौकी प्रभारी पकड़ी सुरेश चंद्र पांडेय और कांस्टेबल अरुण यादव को निलंबित कर दिया गया। पूरे मामले की जांच सीओ लालगंज को सौंपी गई है।