करीब ढाई साल से बांदा जेल में बंद पूरब के माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार देर रात हार्ट अटैक (कार्डिया अरेस्ट) से मौत हो गई। मुख्तार को मौत से करीब तीन घंटे पहले ही इलाज के लिए मंडलीय कारागार से मेडिकल कॉलेज लाया गया था। जहां नौ डॉक्टरों की टीम उसके इलाज में जुटी थी। रात करीब साढ़े दस प्रशासन ने मुख्तार की मौत की सूचना सार्वजनिक की।
गाजीपुर के पीजी कॉलेज से स्नातक का छात्र रहा मुख्तार अंसारी की गिनती कभी क्रिकेट के अच्छे खिलाड़ियों में हुआ करती थी। मनबढ़ मुख्तार अंसारी को गलत संगत ने जरायम जगत की गंदी राह की ओर धकेल दिया। बाहुबल से बनाई गई सियासी जमीन पर मुख्तार लगातार पांच बार विधायक चुना गया। तकरीबन 18 साल छह माह जेल में रहने के बाद सलाखों के पीछे ही बृहस्पतिवार की रात मुख्तार अंसारी की मौत हो गई।
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Mukhtar Ansari death
- फोटो : सोशल मीडिया
मुख्तार अंसारी का जन्म 20 जून 1963 को नगर पालिका परिषद मुहम्मदाबाद के पूर्व चेयरमैन सुबहानुल्लाह अंसारी के तीसरे पुत्र के रूप में हुआ था। एक अच्छा क्रिकेटर रहा मनबढ़ किस्म का मुख्तार 80 के दशक में साधु-मकनू गैंग से जुड़ा। साधु और मकनू को अपना गुरु मानकर जरायम जगत की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे खुद का अपना गैंग खड़ा कर माफिया सरगना बन गया।
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mukhtar ansari death
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 1997 में मुख्तार अंसारी का अंतरराज्यीय गिरोह (आईएस-191) पुलिस डोजियर में दर्ज किया गया। 25 अक्तूबर 2005 को मुख्तार जेल की सलाखों के पीछे गया तो फिर बाहर नहीं निकल पाया। इस बीच वर्ष 1996 से 2022 तक वह मऊ सदर विधानसभा से पांच बार लगातार विधायक चुना गया।
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Mukhtar Ansari Death
- फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर में दर्ज हैं सबसे अधिक मुकदमे
मुख्तार अंसारी के खिलाफ नई दिल्ली, पंजाब, मऊ, वाराणसी, लखनऊ, आजमगढ़, बाराबंकी, चंदौली, सोनभद्र, आगरा और गाजीपुर में संगीन धाराओं में 65 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इसमें से सबसे ज्यादा मुकदमे उसके गृह जिले गाजीपुर में 22 से अधिक दर्ज हैं। ये मुकदमे हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, रंगदारी, गैंगस्टर, एनएसए सहित जघन्य प्रकृति के हैं। मुख्तार अंसारी के विरुद्ध लंबित 65 अभियोगों में से 21 का विभिन्न न्यायालयों में ट्रायल चल रहा है।
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- फोटो : अमर उजाला
आठ बार हुई सजा 18 महीने में मुख्तार को
-21 सितंबर 2022: मारपीट, धमकाने सहित अन्य आरोपों में लखनऊ के आलमबाग थाने में दर्ज मुकदमे में सात वर्ष की कठोर कारावास की सजा। 37 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
-23 सितंबर 2022: लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट में पांच वर्ष की कठोर कारावास की सजा। 50 हजार रुपये जुर्माना।
-15 दिसंबर 2022: गाजीपुर के कोतवाली थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में 10 वर्ष की सजा। 5 लाख रुपये जुर्माना।
-29 अप्रैल 2023: गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में 10 वर्ष की सश्रम कारावास और 5 लाख रुपये जुर्माना।
-5 जून 2023: वाराणसी के चेतगंज थाने में दर्ज हत्या मामले में मुख्तार अंसारी को आजीवन कारावास की सजा। 1 लाख रुपये जुर्माना।
-27 अक्तूबर 2023: गाजीपुर के करंडा थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में मुख्तार अंसारी को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा। पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया।
-15 दिसंबर 2023: वाराणसी के भेलूपुर थाने में दर्ज धमकाने के मामले में 5 वर्ष 6 माह की कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना।
-13 मार्च 2024: धोखाधड़ी, कूटरचना व आपराधिक साजिश और आयुध अधिनियम के तहत उम्रकैद की सजा। 2.02 लाख रुपये जुर्माना।
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मुख्तार अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
हार्ट अटैक से माफिया मुख्तार अंसारी की मौत
करीब ढाई साल से बांदा जेल में बंद पूरब के माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार देर रात हार्ट अटैक (कार्डिया अरेस्ट) से मौत हो गई। मुख्तार को मौत से करीब तीन घंटे पहले ही इलाज के लिए मंडलीय कारागार से मेडिकल कॉलेज लाया गया था। जहां नौ डॉक्टरों की टीम उसके इलाज में जुटी थी। रात करीब साढ़े दस प्रशासन ने मुख्तार की मौत की सूचना सार्वजनिक की। तब तक मुख्तार के परिवार का कोई सदस्य मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचा था।
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Mukhtar Ansari
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे मुख्तार की जेल में तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद प्रशासन के अधिकारी मौतके पर पहुंचे और करीब साढ़े आठ बजे के आसपास उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया था। जहां दो घंटे तक उसका इलाज चला। उसे आईसीयू से सीसीयू में शिफ्ट किया गया। जहां रात साढ़े दस बजे के आसपास उसकी मौत हो गई।
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Mukhtar Ansari
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन दिनों से बीमार चल रहे जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की तबीयत बृहस्पतिवार रात अचानक फिर बिगड़ गई। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी अंकुर अग्रवाल कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मंडलीय कारागार पहुंचे। करीब 40 मिनट तक अधिकारी जेल के भीतर रहे। इसके बाद मुख्तार को एंबुलेंस से दोबारा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बताया जा रहा है कि मुख्तार को दिल का दौरा पड़ा है। रात में अस्पताल में उसका निधन हो गया।
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Mukhtar Ansari
- फोटो : फाइल फोटो।
दो दिन पहले 26 मार्च को मुख्तार ने जेल प्रशासन से पेट में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने ज्यादा खाने (ओवरईटिंग) व कब्ज का इलाज किया गया और 14 घंटे बाद उसी दिन देर शाम उसे वापस मंडलीय कारागार भेज दिया गया था।
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Mukhtar Ansari
- फोटो : फाइल फोटो
इधर, गुरुवार शाम साढ़े सात बजे के आसपास अचानक मुख्तार की तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने आनन-फानन उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। मुख्तार के स्थानीय अधिवक्ता नसीम हैदर ने बताया कि मुख्तार को हार्ट अटैक पड़ने की आशंका है।
प्रशासन उन्हें मुख्तार से मिलने नहीं दे रहा है। मुख्तार का परिवार भी बांदा के लिए लखनऊ से चल चुका है। इधर हालात बिगड़ने न पाए, इसके लिए जिले भर की पुलिस फोर्स को अलर्ट कर दिया गया है। जेल के भीतर भी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। देर रात तक डीएम और एसपी भी मेडिकल कॉलेज में मौजूद रहे और मुख्तार के सेहत की पल-पल की खबर लेते रहे।