घोसी से बसपा सांसद अतुल राय को दुष्कर्म मामले में बरी कर दिया गया है। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए सियाराम चौरसिया की कोर्ट ने ये फैसला सुनाया।
विज्ञापन
1 of 7
छात्रा से दुष्कर्म मामले में सांसद अतुल राय बरी
- फोटो : अमर उजाला
घोसी सांसद अतुल राय को विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए सियाराम चौरसिया की कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में बरी कर दिया। हालांकि, उनके खिलाफ अन्य लंबित मामलों के कारण उन्हें जेल से रिहा नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बसपा सांसद अतुल राय को बरी किया है। मुकदमे में सुनवाई के बाद शनिवार को कचहरी में अतुल राय समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
तीन साल पूर्व यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा ने लंका थाने में बसपा सांसद अतुल राय के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। पिछले ढाई साल से अतुल राय प्रयागराज के नैनी सेंट्रल जेल में बंद हैं। पिछले साल इसी अगस्त माह में दुष्कर्म पीड़िता और गवाह साथी ने नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह कर लिया था। इस पूरे प्रकरण की जांच में लापरवाही के आरोप में एक डिप्टी एसपी को गिरफ्तार किया गया था। वहीं आईपीएस अमित पाठक को मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया था। नीचे की स्लाइड्स में देखें...
विज्ञापन
2 of 7
वाराणसी कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
अदालत ने क्या कहा
विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए सियाराम चौरसिया की 101 पेज के फैसले में कहा कि संपूर्ण तथ्य, परिस्थितियों, विवेचना, साक्ष्यों और सुप्रीम कोर्ट के नजीरों से कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि पीड़िता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य/बयान न तो कोर्ट का विश्वास प्रेरित करने वाला विश्वासप्रद व विश्वसनीय है। न ही बेदाग और वास्तविक गुणवत्ता वाला है।
विज्ञापन
3 of 7
वाराणसी कचहरी में अतुल राय के अधिवक्ता
- फोटो : अमर उजाला
इस प्रकार अभियोजन पक्ष आरोपी सांसद अतुल राय पर आरोपित अपराध को साबित करने में पूर्णतया असफल रहा। ऐसी दशा में वीरपुर भांवरकोल गाजीपुर निवासी आरोपी सांसद को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया जाना न्यायसंगत होगा।
4 of 7
सांसद अतुल राय (फाइल फोटो)
लोकसभा अध्यक्ष को जानकारी देने का आदेश
कोर्ट ने रिहाई का आदेश नैनी कारागार अधीक्षक को दिया। साथ ही सांसद के रिहाई और बरी होने की जानकारी लोकसभा अध्यक्ष को देने का भी आदेश दिया है। इस दौरान नैनी जेल में बंद सांसद अतुल राय वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए।
विज्ञापन
5 of 7
मोबाइल पर बात करते अतुल राय के पिता
- फोटो : अमर उजाला
अदालत में अतुल राय के अधिवक्ता अनुज यादव व दिलीप श्रीवास्तव, उनके वृद्ध पिता भरत सिंह, भाई पवन सिंह और तमाम समर्थक मौजूद रहे। अदालत ने अपील के मद्देनजर सांसद को एक लाख के बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के दो जमानतदार देने को कहा है।
विज्ञापन
6 of 7
अतुल राय (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया।
अतुल राय के अधिवक्ता अनुज यादव ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था में कोई कमी नहीं है। जिन लोगों ने फर्जी मुकदमे में फंसाया था उन पर सख्त कदम उठाया जाएगा। अतुल राय का राजनैतिक कैरियर बर्बाद करने के लिए युवती ने मुख्तार अंसारी के गुर्गे की साजिश पर मुकदमा दर्ज कराया था।
वहीं अतुल राय के पिता भरत सिंह ने कहा कि मेरे बेटे का कम उम्र में शोहरत पाना लोगों के ईर्ष्या का कारण बना। लोग अतुल की सफलता को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। इसी कारण उसे फंसाया गया।