फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संघ समागम में बोले मोहन भागवत, भाग्योदय करते-करते भारत ही न बदल जाए

Mon, 19 Feb 2018 11:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
1 of 6
mohan bhagwat - फोटो : अमर उजाला

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत का भाग्योदय करते-करते कहीं भारत ही न बदल जाए, हमें इसका ध्यान रखना होगा। हमको ऐसा भारत खड़ा करना है, जो विश्व पटल पर अपनी शक्तिदिखा सके। भारत का बड़ा महत्व है। दुनिया में अच्छा डॉक्टर खोजना है तो लोग भारतीय डॉक्टर ढूंढते हैं। भारत की सर्वत्र जय-जय हो, ऐसा भारत खड़ा करना है। वो रविवार को वाराणसी में आयोजित संघ समागम में स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें..

 
विज्ञापन

2 of 6
mohan bhagwat - फोटो : अमर उजाला

संघ प्रमुख ने कहा कि सारा समाज एक साथ भेद और स्वार्थ छोड़कर काम करे, ये तभी संभव है। नि:श्वार्थ भाव से देश के लिए कार्य करने वाले बहुत से स्वयंसेवक हैं, जो दूर कहीं जाकर संघ के लिए कार्य करते हैं और वहीं उनकी मौत भी हो जाती है। उनके लिए शोक के दो शब्द नहीं बोले जाते हैं।  हिंदुत्व के आधार पर सारे देश को जोड़ना है। हमें समाज को संगठित करना है। इसके लिए वातावरण पैदा करना होगा। यह तभी संभव है जब सामूहिकता हो।
 
विज्ञापन

3 of 6
mohan bhagwat - फोटो : अमर उजाला


संघ प्रमुख ने तीन संदेश स्पष्ट तौर पर दिए। उन्होंने स्वयंसेवकों को व्यक्तिगत, पारिवार और समाज में विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए कहा। कहा, संघ दुनिया में एकमात्र स्वयंसेवी संस्था है, जिसने सत्ता का विरोध सबसे अधिक झेला है। बावजूद इसके समाज में स्वीकार्यता से संघ का विस्तार हुआ है। तीसरा विविधता में एकता यह हमारी विशेषता है। दुनिया में जहां भारतीय गए, वहां संस्कृति और सभ्यता दी। 

4 of 6
mohan bhagwat - फोटो : अमर उजाला
संघ प्रमुख ने कहा, किसी महापुरुष, अवतार और पार्टी विशेष होने के कारण कभी लाभ नहीं होगा। स्वयंसेवकों को स्पष्ट किया कि संघ में खटने (मेहनत) पर टिकट मिलेगा, ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने प्रचारकों को इंगित किया कि वे संगठन को स्वयंसेवकों से ज्यादा समय दें।
विज्ञापन

5 of 6
mohan bhagwat - फोटो : अमर उजाला
संघ प्रमुख ने कहा कि बीते दो सौ साल से जितने महापुरुष भारत में हुए, उतने पूरे विश्व में नहीं हुए। वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टीन ने महात्मा गांधी की जीवन शैली से प्रभावित होकर कहा था कि आने वाले सालों में लोग यह विश्वास नहीं करेंगे कि ऐसा भी कोई महापुरुष था। कहा, ऐसे विचार तत्व, नीतियां और नारे तब भी थे, आज भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
mohan bhagwat - फोटो : अमर उजाला
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बदले हुए वातावरण में स्वयंसेवक बनाने में सतर्कता बरतने की सीख दी है। कहा, केंद्र और राज्य में सरकार बनने के बाद जिस प्रकार से संघ के प्रति युवाओं का लगाव बढ़ा है, उसे देखते हुए ऐसा करना आवश्यक है। माना जा रहा है कि संघ प्रमुख ने राष्ट्र निर्माण और समाज निर्माण में रुचि रखने वाले युवाओं को ही संगठन से जोड़ने की सलाह दी है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें