गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा और निषाद पार्टी के गठबंधन के बाद पैदा हुई अंदरुनी कलह रविवार को सामने आ गई। निषाद पार्टी के महासचिव व ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने ऐसा बयान दिया है जिसके बाद सभी हैरत में हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें..
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विधायक विजय मिश्र
- फोटो : facebook
उन्होंने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा के साथ रहेंगे। ज्ञानपुर विधान सभा क्षेत्र में कई परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के मंच से उन्होंने राज्यसभा चुनाव में सपा और बसपा को वोट करने से सीधे इनकार कर दिया। निषाद पार्टी के महासचिव पद पर रहते हुए उनके इस बयान से पार्टी में खलबली है।
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विजय मिश्र
निषाद पार्टी ने विधायक विजय मिश्र से राज्यसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी को वोट करने को कहा था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। विजय मिश्र ने कहा कि जनता जिसे चाहेगी, उस पार्टी को वोट करूंगा। इस दौरान उनका इशारा भाजपा की तरफ था। पंडाल में बैठी जनता ने भी उन्हें भाजपा को वोट करने के समर्थन में हाथ उठाया।
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अभिनंदन समारोह को संबोधित करते ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र।
उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी ने सपा के साथ विलय कर लिया और इस मसले पर मुझसे कोई राय नहीं ली गई, जबकि मैं पार्टी का महासचिव था। विलय के बाद अब पार्टी बची ही नहीं। जिनकी गलत नीतियों के चलते ज्ञानपुर की जनता ने उन्हें नकारकर हमें सेवा का मौका दिया, उन्हीं के साथ फिर जुड़ कर जनता के साथ धोखा नहीं कर सकता।
ज्ञानपुर विधानसभा से सपा विधायक विजय मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
उधर, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने पार्टी के सपा में विलय की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि हमारा सपा के साथ गठबंधन है, विलय नहीं। हमारी पार्टी का विधायक वहीं वोट करेगा, जहां पार्टी चाहेगी। इस मसले को हम आपस में सुलझा लेंगे।