यूपी के मिर्जापुर के चुनार रेलवे स्टेशन पर बुधवार की सुबह सवा नौ बजे रेलवे ट्रैक पार करते समय नेताजी एक्सप्रेस (कालका मेल) की चपेट में आने से दो सगी बहनों समेत छह महिलाओं की मौत हो गई। महिलाएं कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने जा रही थीं।
मिर्जापुर के चुनार रेलवे स्टेशन पर लाइन पार करते समय हुई घटना की प्रत्यक्षदर्शी मृतक अंजू की छोटी बहन ममता ने बताया कि ट्रेन चुनार स्टेशन पर आकर खड़ी हुई। बोगी से तीन नंबर ट्रैक की ओर लगभग 100 महिला, पुरुष और बच्चे उतरे। तभी लोगों को पीछे से अचानक किसी ट्रेन के तेज रफ्तार से आने की आहट हुई।
इसके बाद लोग खड़ी ट्रेन में न चढ़कर इधर उधर भागने लगे। इससे लाइन से गुजर रही ट्रेन की चपेट में कई लोग आ गए। बताया कि बहन अंजू को बचाने के लिए वह उसका हाथ पकड़कर रेलवे ट्रैक से खींच रही थी, लेकिन हाथ छूट गया और उसकी जान चली गई।
विज्ञापन
2 of 17
चुनार स्टेशन पर दर्दनाक हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे ने तैयारी की खामियां उजागर कीं
कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के लिए बुधवार को चुनार रेलवे स्टेशन पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच हुए हादसे ने प्रशासनिक तैयारियों की खामियों को उजागर कर दिया। हजारों की संख्या में पहुंचे यात्रियों के लिए स्टेशन पर सीमित पुलिस बल था। जीआरपी चौकी प्रभारी रमाशंकर यादव के साथ आठ हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल ड्यूटी पर थे।
विज्ञापन
3 of 17
चुनार स्टेशन पर हादसे के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा एक उपनिरीक्षक और छह आरक्षियों की अतिरिक्त मांग भी की गई थी। स्थानीय आरपीएफ टीम मौजूद रही, लेकिन भीड़ के आगे इंतजाम नाकाफी थे।
4 of 17
चुनार स्टेशन पर हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां की मौत की मिली सूचना, एक घंटे बाद जिंदा होने का पता चला
मिर्जापुर के चुनार रेलवे स्टेशन पर हादसे में सुशीला की मौत होने की सूचना मिलते ही उनका पुत्र हरिश्चंद्र आधार कार्ड लेकर पोस्टमार्टम हाउस के लिए निकलने वाला था। गांव के लोग जुट गए थे। एक घंटे बाद हरिश्चंद्र के पास फोन आया। फोन करने वाले ने सुशीला की बात बेटे हरिश्चंद्र से कराई। मां ने बेटे से कहा कि वह जिंदा है। रेलवे स्टेशन पर है। इसके बाद हरिश्चंद्र रेलवे स्टेशन चुनार पहुंचे। वहां उसे मां सुशीला मिली। उन्हें लेकर घर आया।
विज्ञापन
5 of 17
चुनार स्टेशन पर हादसे के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मड़िहान थाना क्षेत्र के महुआरी गांव निवासी सुशीला (75) चार दिन पहले राजगढ़ थाना क्षेत्र के खम्हरिया के सतपुरवा मौजा स्थित अपने मायके गई थी। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए भाई श्याम प्रसाद की पुत्री और पट्टीदारी की अन्य महिलाओं और बालिकाएं जिद करके ले गईं। सुशीला को नहीं पता कि साथ में जा रही बालिकाओं की यह अंतिम यात्रा है।
विज्ञापन
6 of 17
चुनार स्टेशन पर हादसे के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ट्रेन रुकने पर बच्चे और महिलाएं ट्रेन से उतरकर रेलवे लाइन पार कर रही थीं। बुजुर्ग होने के कारण सुशीला ट्रेन में ही बैठी थीं। तब तक हादसा हो गया। हादसे के बाद वह प्लेटफॉर्म की ओर उतरीं। उधर, उनकी मौत की सूचना दे दी गई। इस दौरान सुशीला ने वहां से एक युवक का मोबाइल लेकर बेटे हरिश्चंद्र को फोन कर सूचना दी। मां के जिंदा होने की सूचना पाकर पुत्र और परिवार में लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
विज्ञापन
7 of 17
चुनार स्टेशन पर हादसे के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी और नेता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार साल पहले भी हुआ था हादसा, तीन की गई थी जान
चार साल पहले 17 नवंबर 2021 को मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर सुबह छह बजे डाउन रेलवे लाइन पार करते समय झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक महिला व दो पुरुषों की मौत हो गई थी। भदोही के औराई थाना क्षेत्र के उगापुर गांव निवासी घनश्याम गुप्ता की पुत्री किरण की 21 नवंबर 2021 को शादी थी। इसमें शामिल होने के लिए घनश्याम गुप्ता के मामा और बहन के परिवार के आठ सदस्य पाटलीपुत्र एक्सप्रेस ट्रेन से नागपुर से आए थे।
8 of 17
चुनार स्टेशन पर हादसे के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहां से मिर्जापुर के लिए निकले थे। 17 नवंबर की सुबह छह बजे सभी प्लेटफॉर्म नंबर दो के पश्चिमी छोर पर पुराने आरपीएफ पोस्ट के पास उतरे। उगापुर से तीन लोग स्कार्पियो चालक बबलू सिंह (45) निवासी कठारी थाना औराई भदोही व घनश्याम के परिवार के राधेश्याम और रवि उन्हें लेने के लिए आए थे। सभी रेलवे ट्रैक पार कर प्लेटफॉर्म नंबर एक के किनारे खड़ी गाड़ी के पास पहुंचे।
9 of 17
चुनार स्टेशन पर हादसे के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी दौरान दुर्गा देवी (48) पत्नी नरेश गुप्ता निवासी दुर्गानगर भंडारा रोड थाना पार्टी नागपुर महाराष्ट्र, राजेश गुप्ता (50) पार्टी भवानी फूलपुर नागपुर प्लेटफॉर्म नंबर दो से सामान लेकर उतरे। सामान अधिक होने के कारण स्कार्पियो चालक बबलू आगे बढ़ा। तब तक स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर दो के डाउन ट्रैक पर आ गई। अचानक ट्रेन के आने पर उन्हें हटने का समय नहीं मिला और तीनों की मौत हो गई थी।
10 of 17
चुनार स्टेशन पर हादसे के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने जताया दुख
केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने ट्रेन हादसे पर दुख जताया है। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा है कि संसदीय क्षेत्र में चुनार रेलवे स्टेशन पर हुई हृदय विदारक घटना से मन व्यथित है। जिले के अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटे हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।
11 of 17
चुनार स्टेशन पर हादसे के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गंगा स्नान के लिए जा रहे छह लोगों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। घटना की जांच होगी। इसमें जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उस पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद देगी।- संजीव कुमार गौड़, राज्यमंत्री।
12 of 17
चुनार स्टेशन पर हादसे के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के लिए पहले की भांति सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। हादसा बहुत ही दुखद है। मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जीआरपी के स्तर पर लापरवाही पाई गई है तो कार्रवाई की जाएगी। प्रशांत वर्मा, एसपी जीआरपी।
13 of 17
मृतक साधना और शिव कुमारी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यूपी में छह की मौत
यूपी के मिर्जापुर के चुनार रेलवे स्टेशन पर बुधवार की सुबह सवा नौ बजे रेलवे ट्रैक पार करते समय नेताजी एक्सप्रेस (कालका मेल) की चपेट में आने से दो सगी बहनों समेत छह महिलाओं की मौत हो गई। महिलाएं कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने जा रही थीं। चोपन-प्रयागराज पैसेंजर ट्रेन से उतरकर प्लेटफॉर्म नंबर तीन की तरफ रेलवे ट्रैक पार कर रही थीं। इसी बीच ट्रेन आ गई। मरने वाली एक महिला की पहचान नहीं हो सकी। एक सोनभद्र तो चार मिर्जापुर की रहने वाली थीं।
हादसे की सूचना पाकर यूपी सरकार के राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल और डीएम पवन गंगवार मौके पर पहुंचे। राज्यमंत्री ने कहा कि हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। साथ ही सरकार की तरफ से पीड़ित परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का एलान किया गया है।
15 of 17
शवों को मालवाहक वाहन से भेजा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ थाना इलाके के खम्हरिया निवासी दो सगी बहनें शिव कुमारी (17) और साधना (12) अपनी चाची सविता (30) के साथ बुधवार की सुबह कार्तिक पूर्णिमा का स्नान करने के लिए निकली थीं। साथ में सविता की पड़ोसी अंजू (20) भी थीं। परिजनों के मुताबिक, सब चोपन प्रयागराज पैसेंजर ट्रेन में सवार हुईं।
इसी ट्रेन में सोनभद्र के कर्मा थाना क्षेत्र के बसवा गांव की कलावती (57) भी थीं। ट्रेन में आसपास के क्षेत्रों से करीब 500 लोग सवार थे। ट्रेन सुबह सवा नौ बजे चुनार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर खड़ी हुई। यहां ट्रेन से करीब 100 यात्री उतरे।
16 of 17
मृतक कलावती और सविता का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ यात्री प्लेटफॉर्म की तरफ नहीं गए और रेलवे ट्रैक की तरफ उतर गए। रेलवे ट्रैक के सहारे ही यात्री तीन नंबर प्लेटफॉर्म की तरफ जाने का प्रयास करने लगे। इसी बीच कालका मेल (ट्रेन संख्या 12311) आ गई।
इससे अफरा-तफरी मच गई और यात्री इधर-उधर भागने लगे लेकिन दो किशोरी सहित छह महिलाएं ट्रेन की चपेट में आ गईं। कुछ यात्रियों ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म नंबर पर चढ़कर जान बचाई।
चुनार स्टेशन पर बड़ा हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे में दो सगी बहनों और चार महिलाओं के शरीर के चिथड़े उड़ गए। इसकी सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ के जवान पहुंचे और रेलवे कर्मचारियों की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू किया। डीएम की मौजूदगी में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी हुई। बाद में शव परिजनों को सौंपे गए।